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पश्चिमी उपनगरों में मेट्रो का 70 प्रतिशत काम हुआ

Arun lal Yadav

Publish: Aug 20, 2019 12:07 PM | Updated: Aug 20, 2019 12:07 PM

Mumbai

जून 2020 में ट्रायल रन: एमएमआरडीए

 

अरुण लाल

मुंबई: पश्चिमी उपनगरों में मेट्रो नेटवर्क पर दोनों मेट्रो लाइनों का काम लगभग 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है और जून 2020 में ट्रायल रन शुरू होने की उम्मीद है। अगर एमएमआरडीए की माने तो ट्रायल पूरा होते ही इसे आम लोगों के लिए शुरू कर दिया जाएगा।

एक अधिकारी ने बताया कि वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे से होते हुए अंधेरी पूर्व से दहिसर पूर्व तक का काम68 प्रतिशत पूरा हो गया है और मेट्रो 2A- दहिसर से डी एन नगर लिंक रोड का काम 70 प्रतिशत पूरा हआ है।

एमएमआरडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस कार्य में तीन से चार महीने की देरी हुई है,लेकिन यह बहुत देर नहीं कही जा सकती है। क्योंकि हमने पहले ही घोषणा की थी कि 2020 में सेवाएं शुरू हो जाएंगी। देखिए यह एक बड़ी परियोजना है। ऐसे में बहुत सी बाधाओं से जूझते हुए हमने यह कार्य तेज गति से किया है। तब एमएमआरडीए को उम्मीद थी कि नवंबर या दिसंबर 2019 तक ट्रायल रन के लिए सिविल कार्य पूरा हो जाएगा। पर दिक्कतों के चलते नहीं हो सका।

अधिकारी ने बताया कि हमने कभी नहीं कहा था कि रेक नवंबर तक आएगी। रेक के लिए ऑर्डर ही नवंबर 2018 में दिया गया था और पहली रेक को डिलीवर होने में लगभग 18 महीने का समय लगा है। बता दें कि जब इन दोनों परियोजनाओं की घोषणा की गई थी, तो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकार के कार्यकाल की समाप्ति से पहले, 2019 में इस कार्य को पूरा करने की समय सीमा निर्धारित की गई थी। इसके बाद आने वाली दिक्कतों को देखते हुए इस बात पर चर्चा हुई कि क्या यह कार्य निर्धारित समय में पूरा किया जा सकता है। पर चर्चा में यह सामने आया कि शहर की जटिलता के चलते यहां पर बुनियादी ढांचा तैयार करने की परियोजनाओं में देरी हो सकती है।

वरिष्ठ वास्तुकार (आर्किटेक्ट) शिरीष सुखमेत का कहना है कि यहां का काम अच्छी गति से आगे बढ़ रहा है। ये वैश्विक निविदाएं हैं। ऐसे में अगर ठेकेदार कार्य करने में देरी करता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाता है। इसलिए अब स्थिति पहले जैसी नहीं है, जब बुनियादी ढांचा परियोजनाएं वर्षों तक विलंबित हो जातीं थीं।

बता दें कि स्थानीय लोग भी मेट्रो के 70 प्रतिशत प्रगति का दावे को ठीक बताते हैं। वे कहते हैं कि एमएमआरडीए को ठेकेदार पर काम में तेजी लाने के लिए दबाव डालना चाहिए, क्योंकि खंभे अधिकांश स्थानों पर खड़े कर लिए गए हैं, लेकिन गर्डर लॉन्चिंग का कार्य तेज गति से नहीं किया जा रहा है।

एमएमआरडीए के एक अधिकारी ने बताया कि अभी कुछ खंडों के खंभों को लेकर परेशानी आ रही है। क्योंकि यहां पर पानी की आपूर्ति पाइप, सीवरेज और सतह के नीचे चलने वाली केबल जैसी बाधाएं हमारे सामने हैं।

एमएमआरडीए ने अनुमान लगाया था कि मेट्रो 7 और 2A दोनों का सिविल वर्क 2019 के मध्य तक पूरा हो जाएगा। राजीव ने बताया कि 19 एजेंसियां हैं, जिनके साथ मिलकर हमें हर तरह का कार्य करना है। यहां बहुत से कार्य हैं, हमें हाउसिंग सोसाइटियों से पेड़ों की कटाई और भूमि को सौंपने जैसे विविध मामलों से निपटना पड़ रहा है। इसलिए देरी हुई। बीईएमएल ने बीकेसी के माध्यम से मांडले को मेट्रोVII, मेट्रो 2A और मेट्रो 2B- D N नगर के लिए रेक देने का अनुबंध किया है।