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गुरूग्रंथ साहिब बेचने के मामले में पंजाब के मंत्री रंधावा जांच कराने के पक्ष में

Prateek Saini

Publish: Jun 14, 2019 14:56 PM | Updated: Jun 14, 2019 14:56 PM

Mohali

रंधावा ने मोहाली में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि...

(चंडीगढ,मोहाली): पंजाब के सहकारिता और जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि गुरू ग्रंथ साहिब की दुर्लभ प्रति बेचे जाने की घटना की जांच कर पता लगाया जाना चाहिए कि वास्तव में दोषी कौन है?

 

रंधावा ने मोहाली में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सभी सिख धार्मिक ग्रंथ शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबन्धक कमेटी के हवाले है और अगर गुरू ग्रंथ साहिब की दुर्लभ प्रति या अन्य धार्मिक ग्रंथ गायब हुए है तो कमेटी जवाबदेह है। साथ ही अकाली दल का भी इससे सम्बन्ध है। कमेटी का अध्यक्ष अकाली दल की बैठकों में पहुंचता है। ऐसे में अकाली दल का भी इससें सम्बन्ध है।

 

पंजाब एकता पार्टी के नेता सुखपाल खैहरा द्वारा पंजाब के केबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू को अपनी पार्टी में आमंत्रित करने के सवाल पर रंधावा ने कहा कि खैहरा को सिद्धू को बुलाने से पहले अपनी जमानत तो बचाने का इंतजाम करना चाहिए।

 

उल्लेखनीय है कि हाल में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखवीर बादल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने केन्द्रीय गृहमंत्री से मुलाकात कर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में ऑपरेशन ब्ल्यू स्टार के दौरान जब्त किए गए धार्मिक दस्तावेज लौटाने की मांग की थी। इसके जवाब में दिल्ली सिख गुरूद्वारा प्रबन्धक कमेटी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने कहा था कि केन्द्र सरकार ये दस्तावेज लौटा चुकी है और वे दस्तावेज गायब करने के मामले में अमृतसर पुलिस एवं अकाल तख्त को शिकायत दर्ज करवायेंगे। केन्द्र के पास इन धार्मिक दस्तावेजों की प्राप्ति रसीद भी है। मनजीत सिंह ने कहा था कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गुरू गोविन्द सिंह के हस्ताक्षर वाली गुरूग्रंथ साहिब की दुर्लभ प्रति 12 करोड रूपए में बेच दी गई और अन्य कई धार्मिक दस्तावेज भी गायब है।