स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

पंजाब में निजी मेडिकल संस्थानों के शुल्क ढांचे पर विचार के लिए कैबिनेट कमेटी का गठन, इन लोगों को किया गया शामिल

Prateek Saini

Publish: Jun 06, 2019 20:28 PM | Updated: Jun 06, 2019 20:28 PM

Mohali

कैबिनेट ने मोहाली में खोले जाने वाले सरकारी मेडिकल कॉलेज के लिए 994 अध्यापन, पैरा मेडिकल और मल्टी टास्क वर्कर्स के पदों को मंजूरी भी दे दी...

(चंडीगढ,मोहाली): पंजाब में निजी मेडिकल संस्थानों के शुल्क ढांचे पर विचार के लिए कैबिनेट कमेटी का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित कैबिनेट बैठक में कमेटी का गठन किया गया। कमेटी शुल्क ढांचे को तर्कसम्मत बनाने के लिए सुझाव देगी।


कमेटी में स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा, वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल और तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को शामिल किया गया है। कैबिनेट ने निजी मेडिकल संस्थानों द्वारा छात्रों से बढी-चढी शुल्क वसूले जाने पर विचार किया और इसे तर्कसम्मत बनाने के लिए कमेटी का गठन कर सुझाव लेने का फैसला किया। कैबिनेट कमेटी निजी मेडिकल संस्थानों से जुडी अन्य समस्याओं पर भी विचार करेगी। कैबिनेट बैठक के दौरान चन्नी ने कहा कि निजी विश्वविद्यालयों को छात्रों को प्रवेश और रोजगार में आरक्षण देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस पर कमेटी को कहा कि इस बात पर विचार कर सुझाव दिए जाएं।


कैबिनेट ने मोहाली में खोले जाने वाले सरकारी मेडिकल कॉलेज के लिए 994 अध्यापन, पैरा मेडिकल और मल्टी टास्क वर्कर्स के पदों को मंजूरी भी दे दी। इस मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सौ सीटें होंगी। इस मेडिकल कॉलेज में शैक्षिक सत्र 2020-21 से शुरू करने का फैसला किया गया है। भारतीय चिकित्सा परिषद के मानकों के मुताबिक सौ एमबीबीएस छात्रों की जरूरत के स्टाफ को मंजूरी दी गई है। पंजाब सरकार ने 27 मार्च 2018 को इस मेडिकल कॉलेज के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पेश की थी। केन्द्र सरकार ने इसे 21 जून 2018 को मंजूर किया था। कॉलेज की लागत 189 करोड रूपए अनुमानित की गई है। केन्द्र और राज्य इस लागत को 60 एवं 40 फीसदी वहन करेंगे। केन्द्र सरकार ने अपने हिस्से के 113 करोड में से अब तक 102 करोड जारी कर दिए है।