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सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले पर बहस की अंतिम तिथि एक दिन घटाई

Amit Kumar Bajpai

Publish: Oct 04, 2019 18:02 PM | Updated: Oct 04, 2019 18:04 PM

Miscellenous India

  • पहले 18 अक्टूबर तक जारी रहनी थी सुनवाई
  • 17 नवंबर को खत्म हो रहा है चीफ जस्टिस का कार्यकाल
  • सुप्रीम कोर्ट को आदेश लिखने के लिए मिलेगा 4 सप्ताह का वक्त

नई दिल्ली। अयोध्या मामले को लेकर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश सुनाया। विवादित जमीन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों से मामले की बहस एक दिन पहले खत्म करने के निर्देश दिए। सर्वोच्च न्यायालय ने सभी पार्टियों को 18 की जगह 17 अक्टूबर तक बहस पूरी करने को कहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान सभी पक्षों से कहा कि उन्हें न्यायालय से समाधान की जितनी भी उम्मीद है, उसे 17 अक्टूबर तक तर्कों के जरिये पेश कर दें।

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सर्वोच्च अदालत के इस आदेश का मतलब है कि आगामी 17 अक्टूबर तक सभी पक्षों के तर्क खत्म हो जाएंगे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के पास इस मामले का फैसला लिखने के लिए एक एक माह का वक्त मिलेगा।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में संवैधानिक बेंच अयोध्या विवादित जमीन मामले की सुनवाई कर रही है। वहीं, आगामी 17 नवंबर को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई का कार्यकाल खत्म हो रहा है।

वहीं, पूर्व में इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस केस की बहस भी बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी। इसके साथ ही सर्वोच्च अदालत ने इसके बीच ही मध्यस्थता के प्रयास भी जारी रखने की बात कही थी।

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गौरतलब है कि इससे पहले मुस्लिम पक्ष द्वारा मामले की सुनवाई के लिए अतिरिक्त समय की मांग पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई का कहना था कि सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए मामले की सुनवाई 18 अक्टूबर तक पूरी हो जाए। अगर आवश्यकता होती है तो रोजाना सुनवाई का वक्त 1 घंटे बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा विशेष जरूरत पड़ने पर शनिवार को भी सुनवाई की जा सकती है।