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यूपी के इस जिला अस्पताल में अगस्त महीने में 10 बच्चों की मौत, डीएम ने कहा- गंभीर मामला नहीं, सामान्य घटना

Akhilesh Kumar Tripathi

Publish: Aug 27, 2019 21:51 PM | Updated: Aug 27, 2019 21:51 PM

Mirzapur

अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में बेड की कमी के कारण एक बेड पर दो बीमार बच्चों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है।

मिर्जापुर. एक अगस्त से 27 अगस्त के बीच मिर्जापुर के जिला अस्पताल में दस बच्चों की मौत की बाद एक बार फिर हंगामा मचा है। अगस्त महीने में अब तक 10 बच्चों की मौत की सूचना के बाद मंगलवार को जिलाधिकारी जांच के लिये जिला अस्पताल पहुंचे और अस्पताल में की जा रही व्यवस्था का हाल जाना। इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि इतने बड़े अस्पताल में 10 बच्चों की मौत गंभीर मामला नहीं है, यह एक सामान्य घटना है।

 

मिर्जापुर जनपद के सबसे बड़े जिला अस्पताल का हाल इस समय बेहद खराब है। अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में बेड की कमी के कारण एक बेड पर दो बीमार बच्चों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। अस्पताल के बेड पर कहीं कहीं तो तीन बच्चों को भर्ती किया गया है। अस्पताल में 10 बच्चो की मौत और अव्यवस्था की शिकायत पर डीएम अनुराग पटेल मंगलवार को जांच के लिए सीएमओ और सिटी मजिस्ट्रेट के साथ अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड की जांच किया और अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाने कर निर्देश दिया।

 

डीएम ने कहा कि 1 अगस्त से 27 अगस्त तक कुल 1028 बच्चों को भर्ती किया गया है, जिसमें अभी तक 10 बच्चो की मौत हो चुकी है। इन 10 बच्चों में 4 बुखार से मरे हैं, तीन गंभीर डायरिया से एक एनीमिया से दो बच्चे गंभीर निमोनिया से मरे हैं। उनका कहना था कि एक हजार बीमार बच्चों में 10 बच्चों का मरना बहुत बड़ी बात नहीं है सामान्य घटना है। यहां पर सोनभद्र, भदोही,रीवा से हनुमना से आसपास के जनपदों से वहां से लोग आते हैं, हमारे पास जो न्यू चिल्ड्रेन वार्ड है और पुराना है। एक वार्ड में 11 बेड और एक में 13 बेड है, कुल 24 बेड हैं और हर बेड में दो-दो बच्चे हैं। बच्चे निमोनिया डायरिया और झटका से बुखार से मरे हैं, इसमें किसी की लापरवाही दिखाई नहीं पड़ रही है लेकिन बेड की कमी है, इसके लिए चिकित्सा सचिव से अनुरोध किया गया है।

 

BY- SURESH SINGH