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प्रियंका गांधी ने हिरासत में काटी रात, अधिकारियों संग बैठक हुई नाकाम, पीड़ितों से मिले बिना लौटने को तैयार नहीं

Mohd Rafatuddin Faridi

Publish: Jul 20, 2019 08:36 AM | Updated: Jul 20, 2019 11:33 AM

Mirzapur

सोनभद्र नरसंहार के पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहीं प्रियंका गांधी को मिर्जापुर में हिरासत में ले लिया गया है।

उन्हें मिर्जापुर जिले के चुनार स्थित किले के गेस्ट हाउस में हिरासत मे रखा गया है, जहां वह धरने पर बैठी हैं।

मिर्जापुर. यूपी के सोनभद्र में जमीन पर कब्जे को लेकर 10 आदिवासियों की बर्बर हत्या के बाद उनके परिवारों से मिलने जा रहीं प्रियंका गांधी को प्रशासन अब भी मिलने नहीं देना चाहता, जबकि प्रियंका गांधी अपनी जिद पर अड़ी हुई हैं। उनका कहना है कि वह पीड़ित परिवारों से मिले बिना नहीं जाएंगी। हिरासत में ली गयी प्रियंका गांधी को शुक्रवार को पूरी रात चुनार किले के गेस्ट हाउस में रखा गया। वहां आला अधिकारियों को उन्हें मनाने के लिये भेजा गया। अधिकारियों ने दो बार प्रियंका गांधी के साथ बैठक कर उन्हें वापस लौट जाने को कहा, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुईं। प्रियंका गांधी के साथ धरने पर बैठे कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने कहा कि रात भर कोई व्यवस्था नहीं की गयी। अधिकारियों ने रात में भी आकर हमसे कहा कि लौट जाइये। उन्होंने साफ किया कि हम अपना इरादा नहीं बदलेंगे।

 

 

प्रियंका गांधी को शुक्रवार को उस वक्त हिरासत में ले लिया गया, जब वह सोनभद्र हत्याकांड के पीड़ितों स मिलने के लिये जा रही थीं। प्रियंका पहले बीएचयू में घायलों से मिलीं, उसके बाद वह सोनभद्र में हत्याकांड क पीड़ितों से मिलने रवाना हुईं। उन्हें रोके जाने के बाद कांग्रेसियों ने जमकर हंगामा किया। इसके बाद पियंका को मिर्जापुर के नरायनपुर मोड़ से हिरासत में लेकर चुनार किला स्थित गेस्ट हाउस ले जाया गया। प्रियंका गांधी के साथ यूपी कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू समेत नेता भी थे। इस बीच प्रशासन उन्हें इस बात पर राजी करने की कोशिश करता रहा कि वो लौट जाएं, लेकिन प्रियंका गांधी ने दो टूक कह दिया कि वह सोनभद्र हत्याकांड के पीड़ितों से मिले बिना नहीं लौटेंगी, चाहे जितना भी समय या दिन लग जाए।

 

इस बीच प्रियंका गांधी ने देर रात तीन ट्वीट कर अपनी हिरासत पर सवाल उठाए और बताया है कि प्रशासन चाहता है कि मैं पीड़ित परिवारों से मिले बिना ही लौट जाउं। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को गैर कानूनी भी बताया है।

 

 

चुनार गेस्ट हाउस पहुंचने के बाद प्रियंका गांधी वहीं धरने पर बैठ गयीं, इसके बाद तो वहां कांग्रेसियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। वह धरना स्थल के बाहर ही कांग्रेसियों से मिलती रहीं। प्रियंका ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि उन्हें यह नहीं बताया गया कि उनको किस बात के लिये हिरासत में लिया गया है। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि वह बिना पीड़ित परिवारों से मिले वापस नहीं जाएंगी। उधर गेस्ट हाउस में कोई खास इंतजाम नहीं था और रात हुई तो वहां अंधेरा हो गया, प्रियंका और कांग्रेसी अंधेरे में ही धरने पर बैठे रहे। काफी देर बाद किसी तरह बिजली की व्यवस्था हुई, लेकिन वह भी आती-जाती रही।

 

 

इसी बीच रात 11 बजे के आसपास सबसे पहले एडीजी वाराणसी औश्र कमिश्नर वाराणसी पहुंचे, उनके बाद डीआईजी मिर्जापुर और कमिश्नर विंध्याचल भी पहुंचे। अधिकारियों ने प्रियंका गांधी के साथ दो बार बैठक कर उन्हें वापस लौट जाने के लिये मनाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी और अधिकारियों को खाली हाथ लौटना पड़ा। प्रियंका गांधी अपनी मांग पर अड़ी रहीं। प्रियंका ने गेस्ट हाउस में ही रात बितायी। कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता वहीं दरी बिछाकर और जमीन पर लेटे रहे। अजय कुमार लल्लू ने कहा कि हमारी नेता ने जो कहा है हम उससे एक इंच पीछे नहीं हटेंगे। हम सोनभद्र के पीड़ित परिवारों के साथ हैं उनके साथ जुल्म हुआ है।