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मरीजों को मिली बड़ी राहत, जिला अस्पताल में अब नहीं लगेगा भर्ती शुल्क

Akhilesh Kumar Tripathi

Publish: Jan 17, 2018 19:57 PM | Updated: Jan 17, 2018 19:57 PM

Mirzapur

विवादित नियम के नाम पर लाखों की वसूली करने वाले जिला अस्पताल को बड़ा झटका लगा है ।

मिर्जापुर. मायावती शासनकाल के समय बनाये गए विवादित नियम के नाम पर लाखों की वसूली करने वाले जिला अस्पताल को बड़ा झटका लगा है। जिले के नोडल अधिकारी व प्रमुख सचिव महेश गुप्ता ने अधिकारियों को आदेश देते हुए मरीजों से लिये जाने वाले भर्ती शुल्क बंद करने का आदेश देकर जिला अस्पताल में इलाज कर आने वाले मरीजों को राहत दिया।

 

मिर्ज़ापुर के जिला अस्पताल में मायावती के शासनकाल में लगाए गए बनाए गए नियम के अनुसार सरकारी अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों से 34 रुपये भर्ती शुल्क वसूल करने का आदेश 2002 में जारी किया गया था। हालांकि इसका किसी सरकार ने पालन नही किया और यह आदेश निष्प्रभावी ही बना रहा । मगर इसी नियम का हवाला देकर तत्कालीन जिला अस्पताल के एसआईसीसी ओ पी शाही ने मनमानी तरीके से जिला अस्पताल में मायावती के शासनकाल के दिए आदेश का हवाला देते हुए जुलाई 2017 में नियम लागू करते हुए सामान्य मरीजों से भर्ती शुल्क 34 और प्राइवेट वार्ड में भर्ती मरीजो को 100 के बजाय 167 रुपया लगा दिया।

 

हालांकि उस दौरान भर्ती शुल्क लगाए जाने के प्रावधान का विरोध भी हुआ। भाजपा सरकार बनने के बाद अस्पताल के एसआईसी शाही के हटने के बाद भी जिला अस्पताल में यह व्यवस्था आज भी लागू थी और आने वाले मरीजों से इसी नियम के आधार पर 34 रूपये भर्ती शुल्क वसूल किया जाना जारी रहा। सोमवार को गुरुशांडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में निरिक्षण करने पहुंचे प्रमुख सचिव महेश गुप्ता को जब याद दिलाया गया कि पिछले अस्पताल दौरे में उन्होंने मरीजों के साथ हो रहे इस धांधली को रोकने का आदेश दिया था। मगर अभी तक मरीजों से 34 रूपया भर्ती शुल्क के नाम पर लिया जा रहा है।

 

इस पर जिले के नोडल अधिकारी महेश गुप्ता ने तत्काल मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आज से यह व्यवस्था तत्काल बंद हो जानी चाहिए। बता दें कि प्रदेश के किसी भी अस्पताल में मरीजों से भर्ती शुल्क के नाम पर पैसा नहीं लिया जाता सिर्फ जिले के जिला अस्पताल में ही इस तरीके से नियम के नाम पर वसूली से मरीजों में आक्रोश है। बता दें कि इसी नियम के आधार पर अब तक लाखों की वसूली मरीजों से हो चुकी है, जिसकी जांच कराए जाने की मांग भी की जा रही है।

 

BY- SURESH SINGH