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गैंगरेप पीड़िता का मुख्य आरोपी को बोलती थी भाई, मुंहबोली बहन को भी नहीं छोड़ा

Mohd Rafatuddin Faridi

Publish: Dec 04, 2019 13:57 PM | Updated: Dec 04, 2019 13:57 PM

Mirzapur

पुलिस का स्टिकर लगी गाड़ी में हाई स्कूल की छात्रा से मिर्जापुर में एक दिन पहले हुआ गैंगरेप।

चारों आरोपी भेजे गए जेल, पीड़ित छात्रा व आरोपियों का हुआ मेडिकल परिक्षण।

मिर्ज़ापुर. यूपी के मिर्जापुर में हलिया थानाक्षेत्र में पुलिस लिखी गाड़ी में अगवाकर किशोरी से गैंगरेप का मामला सामने आने के बाद चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। इससे पहले देर रात सभी आरोपियों का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण करवाया गया, साथ ही पीड़ित लड़की का महिला अस्पताल में मेडिकल करवा कर 164 मजिस्ट्रियल बयान पुलिस दर्ज करवा रही है। उधर इस पूरे मामले में चौंकाने वाले खुलासे भी हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी जयप्रकाश मौर्या की पीड़ित लड़की के गांव में रिश्तेदारी थी। वह आये दिन गांव मे आता रहता था। पीड़ित उसे भाई बोलती थी।

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हालिया थानाक्षेत्र में नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप की वारदात में पुलिस ने अब तक कार्रवाई करते हुए आरोपियों का मेडिकल कराने के बाद उन्हें जेल भेज दिया है। इस मामले में चार आरोपी जिनमें मुख्य आरोपी जय प्रकाश मैर्या है, जो अपने दोस्त लवकुश कुमार पाल, महेंद्र कुमार यादव व गणेश प्रसाद बिंद के साथ पुलिस की स्टिकर लगी गाड़ी से गांव में पहुचा। लड़की को बुलाकर जंगल की तरफ ले जाते समय पुलिस ने उन्हें भटवारी चौराहे से गिरफ्तार कर लड़की को बरामद किया। परिजनों की ओर से दुष्कर्म की तहरीर पर पुलिस ने दुष्कर्म और पॉस्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।

पुलिस के मुताबिक इन चार आरोपियों में जयप्रकाश मैर्या कारागार पुलिसकर्मी का बेटा है। इसके अलावा महेंद्र यादव सीआरपीएफ के का जवान है, जिसकी पोस्टिंग सुल्तानपुर में है। वह छुट्टी पर घर आया हुआ था। दो बच्चों का पिता महेंद्र दोस्तों संग उस रात गाड़ी में मौजूद था, जिसे पुलिस ने मौके से गिरफ्तार किया था। वहीं सूत्रों के मुताबिक मामला रात में प्रकाश में आने के बाद आरोपियों की तरफ से समझौता भी करवाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। हालांकि जब इस मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को हुई तो उनके निर्देश के बाद मुकदमा दर्ज किया गया।

पूरे मामले पर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह का कहना था कि चारो नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पीड़िता और आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कर जेल भेज दिया गया है। वहीं पीड़िता का भी 164 सीआरपीसी के तहत का बयान कराया जा रहा है।

By Suresh Singh

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