स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

जिलाध्यक्ष बनने के बाद पहली बार प्रेस कांफ्रेंस करने आया यह नेता हुआ गुटबाजी का शिकार! बड़े नेताओं का नहीं मिला साथ

Ashish Kumar Shukla

Publish: Oct 20, 2019 17:50 PM | Updated: Oct 20, 2019 17:50 PM

Mirzapur

पहली बार प्रेस कांफ्रेंस करने पहुंचे थे शिवकुमार पटेल

मिर्ज़ापुर. कई गुटों में बंटी कांग्रेस को संभालने के लिए प्रियंका गांधी कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। लेकिन कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ा टकराव अब भी कम होता नहीं दिख रहा है। ऐसा ही कुछ दिखा मिर्जापुर में भी।
यूपी की जो नई टीम बनी उसमें मिर्जापुर जिले से कांग्रेस ने शिवकुमार पटेल को जिलाध्यक्ष बनाया। नाम तय करने वाले नेताओं को लग रहा था कि शिवकुमार पटेल के आने से पार्टी में नई जान आयेगी और पुराने गढ़ मिर्जापुर में एक बार फिर से संगठन को मजबूती मिलेगी। लेकिन कटरा के पहली ही प्रेस कांफ्रेंस में जो बातें सामने आई उससे साफ साबित हुआ की पार्टी को संगठित कर पाना इतना आसान नहीं है।

बाजीराव कटरा में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष दीप चन्द जैन के आवास जिलाध्यक्ष शिवकुमार पटेल को पत्रकारों से बात करना था। मीडिया को भी लग रहा था कि शिवकुमार की अगुवाई में संगठन एकजुटता के साथ आकर अपनी ताकत दिखा सकता है। लेकिन हैरानी रही कि इस प्रेस कांफ्रेंस में ही कांग्रेस के जिलास्तर के कई बड़े नेता नहीं आये। नये जिलाध्यक्ष के साथ सिर्फ जिले के तीन चार नेता ही शामिल हुए। अब आम जनता में फिर संदेश जाने लगा है कि कांग्रेस की गुटबाजी अभी रूकने वाली नहीं है।

त्रिपाठी परिवार का सालों से रहा दखल

बतादें कि मिर्जापुर कांग्रेस पर सालों से पूर्व विधायक ललितेश पति त्रिपाठी के परिवार और पूर्व विधायक भगवती चौधरी के इर्द गिर्द ही नजर आई। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि पहली बार कांग्रेस ने इस परिवार से हटाकर किसी को जिले की कमान सौंपी है। चर्चा इस बात की हो रही है कि जिलाध्यक्ष की पहली ही प्रेस कांफ्रेंस से ललितेश भी गायब रहे। साथ ही इनके करीबी लोग भी नहीं पहुंचे। अब ऐसी स्थिति में कांग्रेस की एकजुटता का दावा खोखला साबित हो रहा है।