स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

चर्चा में रहने वाली श्रीदेवी ने दौलत की चाह में उजाड़ दिया था अपना सुहाग, वो उमाशंकर से प्यार करने लगी थी

Ashish Kumar Shukla

Publish: Oct 13, 2019 12:45 PM | Updated: Oct 13, 2019 12:48 PM

Mirzapur

आजादी से जीने की तमन्ना रखने वाली श्रीदेवी घर के चहारदीवारियों में कैद नहीं रहना चाहती थी

मिर्जापुर. आखिरकार हमेशा परिवार के बंधन से आजाद रहकर जिंदगी जीने का सपना देखने वाली श्रीदेवी अब सलाखों के पीछे चली गई। उसे क्या पता था कि वो अपने हसीन सपनों के लिए जो कदम उठा रही है वो उसे एक दिन इस हाल में लाकर खड़ा कर देगा। अपर सत्र न्यायाधीश भगवती प्रसाद सक्सेना की अदालत ने आशनाई एवं संपत्ति विवाद को लेकर पति की हत्या करने की आरोपित पत्नी श्रीदेवी व उसके साथी उमाशंकर बिंद, राजू गोंड, सज्जन अली व नन्हें उर्फ जाफर को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं दस-दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।

जिगना थानाक्षेत्र के ग्राम फुलवरिया निवासी विष्णु उर्फ डाक्टर बिंद की पत्नी रामसवारी की मृत्यु कई साल पहले हो गई थी। पहली पत्नी से दो बेटियां थीं। मृत्यु के बाद से ही डाक्टर दूसरी शादी का इरादा रखने लगा था। गोपालपुर, थाना विंध्याचल की रहने वाली श्रीदेवी से डाक्टर ने दूसरी शादी करने की बात चलाई। दौलत खूब होने के कारण श्रीदेवी ने भी शादी के लिए हामी भर दिया।

लेकिन आजादी से जीने की तमन्ना रखने वाली श्रीदेवी घर के चहारदीवारियों में कैद नहीं रहना चाहती थी। उसने घर के पास एक परचून की दुकान खोली। एक लावरिश बच्चे को गोद लिया और उसकी परवरिश कर जिंदगी गुजारने लगी।
इसी बीच श्रीदेवी की दुकान पर उमाशंकर बिंद नाम के एक व्यक्ति का आना जाना हुआ। दोनों में करीबी बढ़ी तो उमाशंकर उसे नये सपने दिखाता। दोनों रजामंदी से खूब घूमते फिरते। डाक्टर श्रीदेवी को मना करता तो घर में बवाल हो जाता। आखिरकार श्रीदेवी के मन मे डाक्टर की संपत्ति अपने नाम करने की मंशा जगी। उसने अपने साथी उमाशंकर से कहा कि पति को खत्म करना है। उमाशंकर ने अपने साथियों की मदद ली सबने मिलकर फरवरी 2018 में डाक्टर को मौत के घाट उतार दिया।

कुछ दिन के बाद डाक्टर के रिश्तेदार उदयशंकर ने थाने में तहरीर देकर श्रीदेवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। गवाहों के बयान पर अदालत ने सभी आरोपियों को अब सजा सुना दी है।