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UP: मुआवजे को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों ने बुलाई महापंचायत, चार गुना मुआवजा पर अड़े

Akhilesh Kumar Tripathi

Publish: Oct 15, 2019 19:06 PM | Updated: Oct 15, 2019 19:06 PM

Mirzapur

किसान पिछले 51 दिनों से धरना प्रदर्शन, पैदल मार्च, आमरण अनशन कर रहे हैं

मिर्जापुर. चुनार के सुंदरपुर गांव में पिछले 51 दिनों से मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों ने महापंचायत बुलाई । महापंचायत के दौरान किसानों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जायेगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

दरअसल प्रशासन की बेरुखी के चलते किसान नाराज है। किसान सेना के बैनर तले आंदोलन कर रहे किसानों से मिलने धरना स्थल पर मंगलवार को एडीएम भी पहुंचे। वाराणसी रामनगर के टेंगरा मोड़ से लेकर हनुमना बार्डर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-7 के चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण में दिए जाने वाले जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर किसान पिछले 51 दिनों से धरना प्रदर्शन, पैदल मार्च, आमरण अनशन कर रहे हैं, जिसकी प्रशासन अनदेखी कर रहा है, उसी को लेकर मंगलवार को किसान महापंचायत का आयोजन किया गया । इस धरना प्रदर्शन में दो किसान मुआवजे की मांग को लेकर 21 दिनों से आमरण अनशन पर हैं, इनकी हालत दिन पर दिन दयनीय होती जा रही है।

किसानों का कहना है कि चाहे हमें जो भी करना होगा हम अपनी जमीन का मुआवजा लेकर रहेंगे। सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा 25 से 30 लाख रुपए होना चाहिए, लेकिन सरकार हमें 2 लाख रुपए बिस्वा के हिसाब से ही मुआवजा दे रही है। वहीं किसान सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामराज पटेल का कहना था कि यह पूरी तरह से शासन प्रशासन की दबंगई है, किसान आंदोलन कर रहे हैं, अभी तक मुआवजा नहीं पूरा हुआ और कोई नोटिस नहीं दी गयी। मगर कार्यदाई संस्था ने काम लगा दिया। किसानों की मांग है कि एक हफ्ते के अंदर डीएम धरना स्थल पर आये और किसानों की समस्याओं का निस्तारण करें।

वहीं धरनास्थल पर पहुंचे अपर जिला अधिकारी यूपी सिंह ने कहा कि किसान बाजार भाव से जमीन का मुआवजा मांग रहे हैं, अभी सर्किल रेट से निर्धारित है, मगर हम उनका पत्रक ले लिए हैं। कोशिश होगी जल्द से जल्द मामले का निस्तारण करा दिया जाय। एडीएम के मुताबिक आमरण अनशन कर रहे किसानों ने अनशन तोड़ दिया है ।

BY- SURESH SINGH