स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

मिर्जापुर में 439 गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा, कई गांवों में घुसा पानी

Mohd Rafatuddin Faridi

Publish: Sep 16, 2019 17:08 PM | Updated: Sep 16, 2019 17:08 PM

Mirzapur

ग्रामीण बाढ़ से बचने और घरेलु सामान व मवेशियों को सुरक्षित करने में जुट गए हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने का यही सिलसिला रहा तो कल तक पानी खतरे के निशान तक पहुंच जाएगा।

मिर्ज़ापुर. लगातार ऊफान पर चल रही गंगा का पानी अब तटवर्ती गांवों में घुस गया है। इसके चलते ग्रामीण बाढ़ से बचने और घरेलु सामान व मवेशियों को सुरक्षित करने में जुट गए हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने का यही सिलसिला रहा तो कल तक पानी खतरे के निशान तक पहुंच जाएगा।

तटवर्ती गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से इलाके के गामीणों की चिंता बढ गयी है। डूब प्रभावित सदर तहसील के चील्ह इलाके के हरसिंगपुर और मलल्लेपुर में बाढ़ का पानी घुस गया, जिसके बाद ग्रामीण अपने जरूरत के सामान के साथ सुरक्षित जगह पहुंचाने में जुट गए हैं। नाव नहीं चलने से लोगों को ट्यूब के जरिये खाना पहुंचाया जा रहा है। वहीं चील्ह में गंगा के किनारे मौजूद श्मशान घाट पूरी तरह से डूब चुका है। अपर जिला अधिकारी यूपी सिंह का कहना है कि जिले में गंगा के खतरे का निशान 77.24 मीटर है वर्तमान में गंगा का पानी 76.7 मीटर है जो कि लगातार ढाई से तीन सेंटीमीटर तक हर घंटे बढ़ बढ़ रहा है।

अधिकारियों ने भी आ आशंका जताई है कि अगर जलस्तर में बढ़ने की यही स्थिति बनी रही तो कल तक गंगा खतरे के निशान से ऊप्र बहेगी। अगर ऐसा हुआ तो स्थिति भयावाह हो सकती है। बाढ़ के चलते सदर तहसील के 309 गांव और चुनार तहसील के 184 गांव प्रभावित होंगे, जो प्रशासन के लिये बड़ी चुनौती होगी। हालांकि प्रसासन का दावा है कि उसने बाढ़ ग्रस्त इलाकों के लिए 37 बाढ़ चौकियां पहले से बना ली हैं और उन्हें एलर्ट कर अधिकारियों की टीम को गांवों में नजर रखने के निर्देश दिये गए हैं। वहीं हरसिंगपुर और मल्लेपुर के रहने वाले प्यारेलाल और संगिता का कहना है कि बाढ़ का पानी गांव में पहुचा गया है। नाव संचालन बंद होने स गंगा के बीच टापू पर कई जानवर और लोग फंसे है, जिन्हें खाना पहुंचाने में परेशानी हो रही है।

By Suresh Singh