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95 दिनों से आंदोलन कर रहे किसानों की लड़ाई में कूदी कांग्रेस, लल्लू की बनारस कूच करने की चेतावनी

Mohd Rafatuddin Faridi

Publish: Nov 28, 2019 22:33 PM | Updated: Nov 28, 2019 22:33 PM

Mirzapur

मिर्जापुर में मुआवजे के लिये आंदोलन कर रहे किसानों से मिले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू।

पीएम जनसंपर्क कार्यालय घेरने की चेतावनी, किसान नेता बोले, 25 से करेंगे आमरण अनशन।

मिर्जापुर. वाराणसी से हनुमना तक राष्टीय राजमार्ग-7 के चौड़ीकरण अधिग्रहित जमीन के मुआवजे को लेकर नाराज किसानों का धरना 95 दिनों से लगातार जारी है। गुरुवार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने भी धरना प्रदर्शन में पहुंचकर किसानों का समर्थन किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि आंदोलन कर रहे किसानों की बात नहीं मानी गयी तो कांग्रेस वाराणसी स्थित प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय का घेराव करेगी। किसानों ने भी अपनी मांगे न माने जाने पर 25 दिसम्बर से आमरण अनशन पर जाने कीबात कही है।

मिर्ज़ापुर के चुनार तहसील अन्तर्गत सुंदरपुर जमुई में एनएच के लिये अधिग्रहित जमीन के मुतावजे की किसानों की लड़ाई पर अब सियासी रंग चढ़ गया है। कांग्रेस अब इन किसानों की लड़ाई में कूदकर प्रदेश सरकार का सिरदर्द बढ़ाने की फिराक में है। भारतीय किसान सेना की ओर से आयोजित महापंचायत में शामिल हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू शामिल हुए। उन्होंने योगी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा की किसानों की जमीनों पर सरकारी डाका डाला गया है। उनकी जमीनें जबरदस्ती छीनने का काम किया गया है, जबकि भूमि अधिग्रहण बिल कानून के अंतर्गत सर्किल रेट से चारगुना मुआवजा देने का प्रावधान है।

उन्होंने सवाल ठाया कि सरकार किसानों की जमीनें जबरन कैसे ले सकती है। इसके लिये किसानों की सहमति की जरूरत है। अगर 75 प्रतिशत किसान सहमति नहीं देता तो उनकी जमीनों का अधिग्रहण नहीं किया जा सकता। बावजूद इसके सरकार किसानों के धोखा कर रही है। अन्नदाता की इस लड़ाई में कांग्रेस उनके साथ खड़ी है। उनके हक के लिये सड़क से संसद तक लड़ा जाएगा। 19 दिसम्बर तक इनकी मांगें नहीं मानी गयीं तो मिर्जापुर से पदयात्रा निकालकर वाराणसी स्थित प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

भारतीय किसान सेना के अध्यक्ष रामराज पटेल ने बताया कि जिलाधिकारी सुशील पटेल पांच नवंबर को आये थे। 16 नवंबर को कलेक्ट्रेट में उनसे किसानों की वार्ता हुई, लेकिन जिलाधिकारी सर्किल रेट से चार गुना ज्यादा मुआवजा देने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में किसान सेना ने तय किया है कि 25 दिसंबर से आमरण अनशन किया जाएगा।

By Suresh Singh

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