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बाढ़ से चंदौली और मिर्जापुर को जोड़ने वाला एक रास्ता बंद, पुलिया से ढाई फीट ऊपर बह रहा है नदी का पानी

Mohd Rafatuddin Faridi

Publish: Aug 05, 2019 15:57 PM | Updated: Aug 05, 2019 15:57 PM

Mirzapur

गड़ई नदी पर पुल न होने से लोग खतरनाक बहहाव को पार करने को मजबूर।

गड़ई नदी पर वर्षों से अधूरा पड़ा है पुल, अब तक नहीं बनवाया जा सका है।

मिर्ज़ापुर. जिले को चंदौली से जोड़ने वाली गड़ई नदी पर बनी मुख्य जर्जर पुलिया इस वक्त बारिश के चलते नदी में आयी बाढ़ की चपेट में आकर पूरी तरह डूब चुकी है। नदी का पानी पुलिया से ढाई फीट ऊपर से बह रहा है। इसके चलते स्कूली छात्र, राहगीर, सवारी गाड़ी और लोग मजबूरन पुलिया पार करने के लिये जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं। बावजूद इसके गड़ई नदी पर पिछले कई वर्षों से पुल अधूरा पड़ा है, जिसे बनवाया नहीं जा रहा है।

 

अहरौरा थानान्तर्गत चकिया मार्ग के मदारपुर गांव में मौजूद गड़ई नदी इन दिनों उफान पर है। पिछले तीन दिनों के भारी बारिश के बाद इस नदी पर बने पुल पर पानी बह रहा है। पुल पर नदी बहने से पैदल व मोटरसाइकिल सवार जान जोखिम में डालकर किसी तरह से नदी पार कर रहे हैं। पिछले दिनों पुल को पार करने के चक्कर मे बोलेरो वाहन तेज बहाव में नदी में समा गयी, जिसे क्रेन की मदद से बाहर निकला गया। बता दें की कई वर्षों से बरसात के समय से चली आ रही इस समस्या के चलते तीन महीने लोगों की परेशानी बढ़ जाती है। यहां नदी-नालों पर पुल या पुलिया नहीं होने के चलते बारिश के दिनों में परेशानी काफी बढ़ जाती है।

 

कुछ ऐसा ही हाल इलाके के सारादह गांव जाने वाले रास्ते का भी है। यहां नदी के दोनों तरफ सड़क तो बनायी गयी है। लेकिन नदी पार करने के लिए बना पुल काफी पुराना हो चुका है। इसकी ऊंचाई कम होने के चलते बाढ़ आने पर यह डूब जाता है। यहां से वाहन निकालना तो दूर इसे पैदल पार करना भी मुश्किल होता है। बरसात के कारण पिछले कुछ दिनों से गड़ई व सारादह दोनों नदियां उफान पर रहीं। बावजूद इसके लोगों ने खतरा उठाकर इसे पार किया। यहां प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। यहां तक कि पुल पर रेलिंग तक नहीं है। स्कूली बच्चे और महिलाओं सहित कई किसान व राहगीर भी यहां से गुजरते हैं। स्थानीय लोग लगातार नदी पर पुल बनाने के साथ यहां रेलिंग लगाने और सुरक्षा के अन्य इंतजाम करने की मांग करते चले आ रहे हैं।

By Suresh Singh