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बच्ची के दुष्कर्म के आरोप में पंचायत ने महिला को सुनाई ये सजा, पुलिस के पहुंचने पर हुआ ये...

Sanjay Kumar Sharma

Publish: Sep 22, 2019 17:39 PM | Updated: Sep 22, 2019 17:39 PM

Meerut

Highlights

  • पुलिस ने गांव में होने वाली किसी भी पंचायत को नकारा
  • आरोपित महिला समेत चार लोगों को लिया हिरासत में
  • पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलवाया, मामले की जांच शुरू

 

 

 

मेरठ। गांवों में होने वाली पंचायतों के फैसले भी बड़े अजीबो-गरीब होते हैं। ऐसे फैसलों को सुनकर आप खुद चौंक जाएंगे। मेरठ के थाना खरखौदा क्षेत्र के एक गांव में हुई बड़ी पंचायत ने दुष्कर्म मामले में आरोपी एक महिला को गांव से बाहर निकल जाने का फरमान सुनाया। वहीं यह भी ऐलान किया अगर आसपास के किसी गांव के व्यक्ति ने इस महिला की मदद की तो उसका भी गांव में घुसना बंद कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं ग्रामीणों को महिला सहित उसके मददगार के बहिष्कार का फैसला सुनाया गया। इसके बाद महिला को 12 घंटे में गांव छोडऩे का हुक्म दिया गया।

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पुलिस ने चार हिरासत में लिए

इसकी भनक जैसे ही थाना पुलिस को लगी, पुलिस महिला को थाने ले आई और उसके साथ चार अन्य लोगों को भी पकड़ लिया। पुलिस ने गांव में होने वाली किसी भी पंचायत को नकारा दिया है। वहीं यह पंचायत क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग महिला को गांव में नहीं घुसने देने के लिए लामबंंद हो गए हैं। वहीं आरोपित महिला ने अपनी जान का खतरा भी बताया है। बता दें कि खरखौदा थाना क्षेत्र के एक गांव में बच्ची से दुष्कर्म मामले में आरोपित महिला को पंचायत ने गांव से बाहर निकालने का फरमान सुनाया। पुलिस ने महिला समेत चार लोगों को हिरासत में ले लिया है।

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दस रूपये देकर जंगल ले गई

घटना शनिवार शाम की है। जहां 12 वर्षीय बच्ची को गांव की एक महिला 10 रुपये का लालच देकर जंगल में ले गई थी। वहां महिला के बुलावे पर दो युवकों ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। बच्ची के पिता ने आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। हालांकि पुलिस का दावा हे कि मेडिकल में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है।

गांव से निकालने का फरमान

रविवार को इस प्रकरण को लेकर गांव में पंचायत बैठ गई। पंचायत में आरोपित महिला पर चरित्रहीनता का आरोप लगाकर उसे गांव से निकालने का फरमान सुना दिया गया। लोगों का कहना है कि अभी पंचायत चल ही रही थी कि महिला अपने परिवार के साथ घर से निकलने लगी। इसी बीच कुछ लोग वहां पहुंच गए और महिला को पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला उसके परिजन समेत पीडि़त पक्ष के भी कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया। इंस्पेक्टर खरखौदा मनीष बिष्ट ने बताया कि पंचायत जैसी कोई बात नहीं है। बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट में अभी दुष्कर्म जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया है। जो भी कानून संवत कार्रवाई होगी की जाएगी।

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