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आप परेशान न हों, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का ये है आसान तरीका

Sanjay Kumar Sharma

Publish: Sep 22, 2019 09:32 AM | Updated: Sep 22, 2019 09:32 AM

Meerut

Highlights

  • संभागीय परिवहन विभाग में बनते हैं पहले लर्निंग और फिर स्थायी डीएल
  • 300 से 1000 रुपये तक खर्च आता है दुपहिया और चार पहिया हल्के वाहन के लिए
  • कई राज्यों में ऑनलाइन डीएल बनवाने की भी सुविधा, कुछ रखनी होंगी सावधानी

 

मेरठ। नए मोटर व्हीकल एक्ट (New Motor Vehicle Act) पर सख्ती के बाद लोगों में यातायात नियमों (Traffic Rules) की जागरुकता आयी है। हालांकि चालान कटने का भय भी काफी लोगों में है। ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) नहीं बने होने के कारण चालान (Chalan) कटने के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। यही वजह है कि संभागीय परिवहन विभाग (RTO) में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की भीड़ उमड़ रही है। यहां लंबी कतारें देखकर आरटीओ के दलाल इसका जबरदस्त फायदा उठा रहे हैं और चार से पांच हजार रुपये तक Driving License (DL) बनवाकर चांदी काट रहे हैं। जबकि आप जब RTO से सीधे ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते हैं तो यहां कितनी फीस जमा होती है, सुनकर आप चौंक जाएंगे। साथ ही सीधे ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना भी बहुत आसान है।

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इतनी तरह के ड्राइविंग लाइसेंस

संभागीय परिवहन विभाग कार्यालय विभिन्न वर्ग के ड्राइविंग लाइसेंस बनाता है। जैसे- बिना गियर वाले दुपहिया वाहन, गियर वाले दुपहिया, कार या जीप समेत अन्य हल्के वाहन, लाइट ट्रांसपोर्ट और हेवी गुड्स वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस यहां बनते हैं।

सबसे पहले लर्निंग लाइसेंस

किसी भी व्यक्ति को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना है तो आरटीओ सबसे पहले लर्निंग लाइसेंस जारी करता है। जिसकी अवधि लाइसेंस बनने के दिन से छह महीने तक की होती है। लर्निंग बनने के बाद बीच में वह स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस भी बनवा सकता है। यदि छह महीने की अवधि निकल जाती है तो उसे लर्निंग के लिए दोबारा एप्लाई करना पड़ेगा।

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ऐसे बनवाएं लर्निंग लाइसेंस

लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए अपने यहां के आरटीओ कार्यालय में आपको एक फार्म भरना होगा। इसके साथ चार पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ, जन्मतिथि, आईडी और एड्रेस प्रूफ की जरूरत होती है। आईडी और एड्रेस प्रूफ के लिए आपको अपने साथ मूल प्रमाण-पत्र रखने होंगे, ताकि कार्यालय में फार्म की डिटेल सत्यापित हो सके। कार्यालय में संबंधित अधिकारी द्वारा फार्म चेक करने के बाद आपको लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस की निर्धारित फीस 300 रुपये जमा करनी होगी।

डीएल के लिए ये दस्तावेज चाहिए

दुपहिया और चार पहिया हल्के वाहनों के लिए कम से कम आयु 18 वर्ष और भारी वाहनों के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। एड्रेस प्रूफ के लिए वोटर आई कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, बिजली या टेलीफोन का बिल, हाउस टैक्स रसीद, राशन कार्ड, सरकारी कमर्चारियों के लिए आई कार्ड या डीएम कार्यालय से जारी निवास प्रमाण-पत्र में से एक दस्तावेज की जरूरत होगी। आयु प्रूफ के लिए जन्म प्रमाण-पत्र, हाईस्कूल की मार्कशीट या सर्टिफिकेट, पैन कार्ड, सीजीएचएस कार्ड या मजिस्ट्रेट के सामने जन्म प्रमाण-पत्र का एफिडेविट में किसी एक प्रमाण-पत्र की आवश्यकता पड़ेगी।

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लर्निंग लाइसेंस के लिए टेस्ट

फीस जमा होने के बाद आपका एक टेस्ट लिया जाएगा। इसमें दस वैकल्पिक सवाल पूछे जाते हैं, इसमें कम से कम आपके छह जवाब सही होने चाहिए। कुछ राज्यों में सवालों की संख्या10 से 20 तक होती है। ये सवाल यातायात नियमों के होते हैं। जरा सी कामनसेंस से इन सवालों का आसानी से जवाब दिया जा सकता है, जवाब के लिए सही का निशान लगाना होता है। 60 फीसदी जवाब सही होने पर आप लर्निंग लाइसेंस के लिए क्वालीफाई माने जाएंगे। यह लर्निंग लाइसेंस सात दिनों के भीतर कार्यालय से या घर पर डाक के जरिए पहुंच जाएगा।

स्थायी लाइसेंस की यह है प्रक्रिया

लर्निंग लाइसेंस दुपहिया, कार या जीप चलाने में ट्रेंड होने के लिए होता है। लर्निंग लाइसेंस मिलने के एक महीने बाद स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए एप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए आरटीओ आफिस जाकर एक फार्म भरना होता है। इसके साथ लर्निग ड्राइविंग लाइसेंस अटैच करके स्थायी लाइसेंस की 1000 हजार रुपये फीस जमा करते हैं। फीस जमा होने के बाद आपने जिस दुपहिया या चार पहिया वाहन के डीएल के लिए एप्लाई किया है, उसका फिजिकल ड्राइविंग टेस्ट होता है। इसमें आपको संबंधित अधिकारी के सामने वाहन सही ढंग से चलाकर दिखाना होगा। टेस्ट के लिए अपना वाहन साथ ले जाना होगा। इसमें पास होने के बाद दस दिन के भीतर आपका स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस आपके घर डाक से पहुंच जाएगा। डीएल पूरे देश में 20 साल के लिए बनता है। 20 साल के बाद आरटीओ कार्यालय में उसका रिन्युवल कराना पड़ता है।

कई राज्यों में ऑनलाइन डीएल

सारथी वेबसाइट पर यूपी, दिल्ली, उत्तराखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, चंडीगढ़, दादरा और नागर हवेली, दमन और दीव, गोवा, झारखंड, केरल, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, पांडिचेरी, सिक्किम, तमिलनाडु, त्रिपुरा व पश्चिम बंगाल के लोग ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस के लिए एप्लाई कर सकते हैं। महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्यप्रदेश के लोग राज्य के परिवहन विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं। सारथी वेबसाइट https://parivahan.gov.in/sarathiservice/newLLDet.do पर अपना नाम, पता, उम्र और अन्य डिटेल भरिए। इसके साथ-साथ अपने प्रमाण पत्र, फोटो, हस्ताक्षर अपलोड करें। ड्राइविंग लाइसेंस की फीस ऑनलाइन जमा करें। फिर अपाइंटमेंट का दिन और समय सेट करें। इससे घर बैठे ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस के लिए एप्लाई किया जा सकता है।

इनका कहना है...

मेरठ के RTO डा. विजय कुमार का कहना है कि जब से नया मोटर एक्ट लागू हुआ है, तब से दुपहिया, कार व अन्य हल्के वाहनों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की काफी भीड़ आ रही है। लोग डीएल आसानी से बनवा सकते हैं। दलालों के चक्कर में न पड़ें।

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