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मकर संक्रांति पर्व पर मऊ में खपत होती है एक करोड़ से अधिक की लाई

Akhilesh Kumar Tripathi

Publish: Jan 14, 2020 16:27 PM | Updated: Jan 14, 2020 16:27 PM

Mau

इस पर्व को उत्तर प्रदेश और बिहार में खिचड़ी पर्व भी कहा जाता है

मऊ. मकर संक्रांति पर्व पर लाई की खपत काफी ज्यादा बढ़ जाती है। पूरे मऊ जिले में इस पर्व पर लगभग 1 करोड़ रुपये से अधिक की लाई खपत होती है। इस खपत को पूरा करने के लिए लाई कारोबारी कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

बता दें कि मकर संक्रांति का हिन्दू धर्म का महत्वपूर्ण है। इस पर्व पर दान पुण्य करने की परम्परा है। तिल के साथ ही गुण और लाई का भी विशेष उपयोग होता है। इस पर्व को उत्तर प्रदेश और बिहार में खिचङ़ी पर्व भी कहा जाता है। पर्व को लेकर मऊ जिले में राजहंस लाई की फैक्ट्री में लाई तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य तीन फैक्ट्रियों में भी लाई खपत के अनुसार जोरो शोर से तैयार हो रही है। इसके लिए कर्मचारी फैक्ट्री में दिनों रात काम पर लगे हुए हैं। लाई की भुनाई से लेकर पैकिंग की प्रक्रिया जोरों पर है।

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राजहंस लाई फैक्ट्री के मालिक श्रीराम जायसवाल ने बताया कि लाई का कारोबार मकर संक्रांति पर्व पर ही काफी तेज होता है। लेकिन इन दिनों लोग स्वास्थ्य लाभ के लिए भी लाई खाने का शौक रख रहे हैं, जिससे सालभर यह कारोबार चलने लगा है। जिले में 1 करोड़ से अधिक की लाई सिर्फ मकर संक्रांति पर्व पर ही खपत होती है। इस पर्व पर लाई का विशेष महत्व होता है, जिसकी पूर्ति के लिए हम लोग लगे हुए हैं।

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