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अपमान नहीं झेल पाए अधिकारी, कमरे में लगा ली फांसी

Sarweshwari Mishra

Publish: Sep 06, 2019 14:24 PM | Updated: Sep 06, 2019 14:24 PM

Mau

घटना से आक्रोशित ग्राम विकास अधिकारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर तीन दिन की हड़ताल की है।

मऊ. गोला तहसील में तैनात ग्राम विकास अधिकारी त्रिवेंद कुमार ने आत्महत्या कर ली। गुरूवार की सुबह जब परिजनों ने उनका शव देखा तो कोहराम मच गया। उनके कमरे में सुसाइड नोट मिला जिसमें उन्होंने किसान यूनियन के अध्यक्ष और प्रधानों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। घटना से आक्रोशित ग्राम विकास अधिकारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर तीन दिन की हड़ताल की है।


त्रिवेंद कुमार मूल रूप से घोसी थाना क्षेत्र के हाजीपुर गांव के रहने वाले हैं। ये ग्राम विकास अधिकारी थे। त्रिवेंद्र लखीमपुर के मोहल्ला शिवसागर कॉलोनी में रहते थे। गुरुवार की सुबह उनका शव उनके कमरे में रस्सी के सहारे लटकता मिला। उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। सूचना पाकर डीएम शैलेंद्र सिंह, एसपी पूनम, एएसपी शैलेंद्र लाल, सीओ सिटी विजय आनंद और शहर कोतवाल फतेह सिंह मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को नीचे उतार कर पूरे कमरे की तलाशी ली। जहां एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें आरोप लगाया गया है कि त्रिवेंद्र ने किसान यूनियन पार्टी के अध्यक्ष, रसूलपुर प्रधान और देवरिया प्रधान के पुत्र से परेशान थे। इसी तनाव में आकर उन्होंने आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही घरवाले लखीमपुर के लिए रवाना हो चुके थे।


घटना की जानकारी के बाद ग्राम विकास अधिकारी विकास भवन में जमा हो गए और प्रदर्शन कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। एसपी पूनम ने बताया कि तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज कर आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। शैलेंद्र लाल, एएसपी, खीरी ने बताया कि घटना की तहरीर अभी नहीं मिली है। ग्राम विकास अधिकारी पिता लखीमपुर आ रहे हैं। वही घटना की तहरीर देंगे। तभी मुकदमा दर्ज किया जाएगा। जल्द से जल्द आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। पुलिस ने सुसाइड नोट कब्जे में ले लिया है। मामले की जांच की जा रही है।

सेक्रेटरी त्रिवेंद्र ने मौत से पहले लिखा पिता को खत, मुझे गाली दी गई
त्रिवेंद्र ने अपने पिता को एक पत्र लिखा था जिसमें लिखा था कि 'मैं त्रिवेंद्र कुमार ग्राविअ के पद पर तैनात हूं। वहां पर किसान यूनियन व प्रधानों के द्वारा मुझे कथित तौर पर प्रताड़ित किया गया है। इससे मैं बहुत ही परेशान हूं। मुझे गाली दी गई। आरक्षण के विरोध में बोला जाता है। जो कि बहुत गलत है। मैं अपनी जिंदगी से परेशान हो गया हूं। मैं अपने परिवार से बहुत प्यार करता हूं। उन्हें परिवार पर विश्वास है। वहां ब्लॉक पर मेरा मजाक बनाया जाता है। अगर मुझे कुछ होता है तो उसके जिम्मेदार सिर्फ किसान यूनियन पार्टी अध्यक्ष व रसूलपुर प्रधान, देवरिया प्रधान पुत्र पप्पू हैं। मुझे दिमागी रूप से यह पार्टी और प्रधान परेशान करते हैं। मैं अपने आप से विफल हो गया हूं। मेरे मरने के बाद मेरे परिवार को कोई परेशान नहीं करेगा। मैं स्वयं की इच्छा से मरने जा रहा हूं। परंतु मेरे मरने के बाद पार्टी अध्यक्ष व प्रधानों को कथित रूप से सजा मिले। जिससे यह किसी और को परेशान न कर सके।


मौत के बाद वायरल हुआ यह वीडियो
त्रिवेंद्र की आत्महत्या के कुछ देर बाद एक वीडियो वायरल होने लगा। जिसमें भरे मंच पर त्रिवेंद्र को बेइज्जत किया जा रहा है। वायरल वीडियो का सच अभी सामने नहीं आया है, लेकिन पुलिस ने इसे भी जांच के दायरे में लिया है। वायरल वीडियो मोहम्मदी थाने के गांव रसूलपुर में 28 अगस्त को हुई किसान पंचायत का बताया जा रहा है। बताते हैं कि यह पंचायत किसान यूनियन के बैनर तले की गई थी। किसान नेताओं का ज्ञापन लेने गोला तहसीलदार गए थे। उनके साथ सेक्रेटरी त्रिवेंद्र भी मौजूद थे। वीडियो में दिख रहा है कि कार्यक्रम में खुले मंच से एक किसान नेता ने सेक्रेटरी को बेइज्जत किया। यह वीडियो त्रिवेंद्र की मौत के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।