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उपचुनाव में यह सीट बीजेपी के लिये होगी बड़ी चुनौती, 2017 में मामूली अंतर से मिली थी जीत

Akhilesh Kumar Tripathi

Publish: Aug 20, 2019 11:06 AM | Updated: Aug 20, 2019 11:06 AM

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अभी चुनाव की तारीख का ऐलान नहीं, मगर उम्मीदवारों को लेकर माथापच्ची जारी

मऊ. यूपी में 13 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सरगर्मी तेज है । उपचुनाव में बीजेपी की प्रतिष्ठा इसलिये भी दांव पर है कि पार्टी का उपचुनाव का प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा है । सभी दलों में उम्मीदवारों को लेकर माथापच्ची शुरू हो गई है । हालांकि अभी चुनाव की तारीख का ऐलान नहीं हुआ है, मगर जिन सीटों पर उपचुनाव होना है, वहां राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पूर्वी यूपी की घोसी विधानसभा सीट पर सभी की निगाहे हैं, इस सीट से 2017 में भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गये फागू चौहान को बिहार का राज्यपाल बना दिया गया है और अब इस सीट से उनके बेटे रामविलास चौहान के उम्मीदवार बनाये जाने की चर्चा है ।

 

2017 में मामूली अंतर से मिली थी जीत
घोसी विधानसभा सीट पर फागू चौहान ने हालांकि कई बार जीत हासिल की है । 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बसपा के अब्बास अंसारी को हराकर चुनाव जीता था, मगर जीत का अंतर महज 7 हजार था । फागू चौहान को जहां 88298 वोट मिले, वहीं बसपा के अब्बास अंसारी 81,295 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे थे तो सपा प्रत्याशी पूर्व विधायक सुधाकर सिंह 59,256 मत प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रहे थे । इस सीट पर बसपा से एक बार फिर अब्बास अंसारी के चुनाव लड़ने की संभावना है, ऐसे में बीजेपी के नए प्रत्याशी के लिये जीत की राह आसान नहीं होने वाली है। हालांकि सपा भी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, पीस पार्टी, अपना दल (कृष्णा गुट) से संपर्क कर स्थानीय जाति समीकरण साधने की कोशिश शुरू कर दी है।