स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

हड्डी तोड़ बुखार और डेंगू एक ही है, जानिये क्या होते हैं लक्षण

Mohd Rafatuddin Faridi

Publish: Oct 31, 2019 08:22 AM | Updated: Nov 29, 2019 21:35 PM

Mau

बारिश के बाद तेजी से फैलता है ये रोग।

  • मऊ. डेंगू एडीज़ मच्छर के काटने से होता है। इस मच्छर के काटने के पाँच से छह दिन बाद डेंगू के लक्षण दिखाई देने लग जाते हैं। डेंगू के सबसे प्रमुख लक्षणों में से एक ‘हड्डियों का दर्द’ है। इस कारण से डेंगू को 'हड्डी तोड़ बुखार' के नाम से भी जाना जाता है। डेंगू, खासतौर पर बारिश के मौसम के दौरान और बाद में होता है, क्योंकि इसी मौसम में एडीज़ मच्छरों को पनपने के लिए भरपूर पानी मिलता है। इस समय डेंगू तेजी से फैल रहा है लेकिन उससे डरने की जरूरत नहीं है। बल्कि लोगों को सावधान और जागरूक रहने की आवश्यकता है। यह जानकारी मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ सतीशचन्द्र सिंह ने दी।

सीएमओ ने बताया कि डेंगू के लक्षणों में त्वचा पर चकत्ते, तेज सिर दर्द, पीठ दर्द, आंखों में दर्द, तेज़ बुखार, मसूड़ों से खून बहना, नाक से खून बहना, जोड़ों में दर्द, उल्टी, दस्त आदि।

डेंगू से बचाव

सीएमओ ने बताया कि दिन के समय मच्छरों को दूर रखने वाली क्रीम लगाएं। परे शरीर को ढक कर रखने वाले कपड़े पहनें। घर के अंदर और आस-पास सफाई रखें। कूलर, गमले और टायर आदि में पानी न भरने दें और इन जगहों पर कैरोसीन तेल या मच्छर भगाने का पाउडर छिड़कर रखें। पानी की टंकियों को सही तरीके से ढंक कर रखें। खिड़की और दरवाजों में जाली लगवाएं।

सीएमओ ने बताया कि सम्भावित डेंगू प्रभावित ग्राम नदवासराय तथा भोपौरा में स्वास्थ्य विभाग की जनपद स्तरीय एवं ब्लाक स्तरीय रैपिड रिस्पांन्स टीम द्वारा 22 अक्टूबर से निरोधात्मक कार्यवाही के साथ जनजागरूकता, स्वास्थ्य शिक्षा, सोर्स रिडक्शन, ज्वर पीड़ित मरीजो के रक्त नमूनों की जाँच, क्लोरिन की गोली का वितरण, ब्लीचिंग पाउडर, नालियों में लार्वीसाडल छिड़काव किया जा रहा है।

प्रत्येक ग्राम में नियमित साफ सफाई, नालियों की सफाई हेतु जिला पंचायत राज अधिकारी मऊ व समस्त खण्ड विकास अधिकारी को भी अवगत कराया गया है। ब्लाक स्तरीय एवं जनपद स्तरीय रैपिड रिस्पांस टीम द्वारा निरन्तर निगरानी की जा रही है। जनपद में किसी भी प्रकार का कोई ज्वर पीड़ित मरीज संज्ञान में आता है तो तत्काल सीएमओ आफिस वेक्टर बार्न को सूचित करें।

 

एपिडेमीमियोलॉजिस्ट रविशंकर ओझा ने बताया कि डेंगू का पता लगाने के लिए एलाइजा जांच बेहद जरूरी है जिससे डेंगू की पहचान होती है। एलाईजा जांच आज़मगढ़ के सदर अस्पताल एसआरएल लैब में निःशुल्क उपलब्ध है और इस जांच में मऊ के मरीजों को एक से दो दिन का समय लग जाता है लेकिन इस दौरान उनका इलाज जारी रहता है।

[MORE_ADVERTISE1]