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पुलिस- अधिवक्ता विवाद का अब पूर्वांचल में भी दिख रहा असर, मऊ में डीएम कार्यालय के सामने किया प्रदर्शन

Ashish Kumar Shukla

Publish: Nov 08, 2019 18:01 PM | Updated: Nov 08, 2019 18:01 PM

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सात सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से सीएम योगी को सौंपा

मऊ. नई दिल्ली तीस हजारी कोर्ट में पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच हुए विवाद मामलें को लेकर मऊ जिले में सिविल कोर्ट सेन्ट्रल बार एसोसिएशन और टैक्स बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। साथ ही सात सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से सीएम योगी को सौंपा।

बतादें कि प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने बताया कि हम लोगों द्वारा मांग उठाया गया है कि तीस हजारी कोर्ट नई दिल्ली में पुलिस अधिकारियों द्वारा किये गये फायरिंग में जो अधिवक्ता घायल हुए है, उन्हे यथाशीघ्र 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाये, दोषी पुलिस कर्मीयों के विरुद्ध यथाशीघ्र जांच कर अधिकतम तीन माह के अन्दर साक्ष्यों की जांच पूरी कर दंडित किया जाये। प्रदेश में जिन अधिवक्ताओं की हत्या हुई है। उनके हत्यारों की गिरफ्तारी कर उचित कार्यवाही कराना सुनिश्चित किया जाये।

दोषियों के विरुद्ध यशाशीघ्र जांच कर अधिवकतम तीन माह के अन्दर साक्ष्यों की जांच पूरा कर दोषियों को दंडित किया जाये और 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मृतक आश्रितों को प्रदान करायी जाये। उत्तर प्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि न्यासी समिति से मृतक अधिवक्ताओं के वर्षों से लम्बित दावों का निस्तारण कराना सुनिश्चित करें और नये अधिवक्ताओं को प्रोत्याहन भत्ता दिया जाना प्रारम्भ किया जाये।

अधिवक्ता भविष्य निधि की धनराशि को एक लाख 23 हजार रुपये से बढाकर 5 लाख रुपये किया जाये। कोई भी पुलिस अधिकारी या सिपाही न्यायालय परिसर में असलहा लेकर प्रवेश न करे। अधिवक्ताओं को जान माल की सुरक्षा के कङे इंतजाम किये जाये और अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम यथाशीघ्र पारित किया जाये।

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