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सहस्त्रधारा में दिखा अमन और शांति का नजारा

Mangal Singh Thakur

Publish: Nov 11, 2019 10:48 AM | Updated: Nov 11, 2019 10:48 AM

Mandla

परिवार के साथ उठाया लुफ्त

मंडला. अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद रविवार को भी जिले में शांति का महौल देखने को मिला। नगर में चारों ओर शांति का वातावरण रहा। आम दिनों की तरह दिनचर्या सुचारु चलती रही। प्रशासन ने नगर में धारा 144 लगा दी है। रविवार को भी पुलिस हर चौराहे पर तैनात रही। प्रशासन द्वारा अमन और शांति बनाए रखने के लिए मिलादुन्नबी पर जुलूस और जिले में विख्यात सहस्त्रधारा मेला रद्द कर दिया है। प्रशासन के अचानक निर्णय लेने से व्यापारियों को भी काफी परेशानी हुई। कुछ व्यापारी मेला स्थल तक पहुंचने के बाद वापस लौट गए तो किसी ने अपनी दुकानें लगा भी ली। रविवार होने के कारण बड़ी संख्या में लोग सहस्त्रधारा पहुंचे। जहां लोगों ने घाट में स्नान के साथ ही प्राकृतिक सौंदर्य को निहारने के लिए वोटिंग का लुफ्त उठाया। यहां मौजूद वोटिंग कराने वालों के पास किसी प्रकार की कोई सेफ्टी की व्यवस्था नहीं थी। हालात यह थे कि लोगों को बिना लाइफ जेकिट के सैर कराई जा रही थी। किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर कोई व्यवस्था नहीं थी जबकि उक्त क्षेत्र में बरगी बांध के पानी का भराव होता है। गौरतलब है कि दिपावली के बाद तेरस तिथि को सहस्त्रधारा में मड़ई का आयोजन किया जाता है। लेकिन मड़ई को स्थागित कर दी गई है।
गौंझी ग्रापंचायत के अंतर्गत पडऩे वाले सहस्त्रधारा में वैसे तो हमेशा ही लोगों की भीड़ लगी रहती है। लेकिन मड़ई व अन्य विशेष दिनों में लोग यहां पहुंचकर पिकनिक का मजा भी लेते हैं। रविवार को भी सहस्त्रधारा का सुंदर नजारा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। शहरी क्षेत्र के नजदीक होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र से लोगों के साथ ही शहरी क्षेत्र के लोगों की भी खासी भीड़ देखी गई।
निराश होकर लौटे व्यापारी
सुप्रीम कोर्ट के फैसले और जिले लगी धारा 144 के कारण जिले में तेरस को भरने वाले सहस्त्रधारा मेले में मनेहरी, खिलौने, झूले, मिठाई, कपड़े, समेत अन्य दुकानें नहीं लगाई गई। बता दे कि व्यापारी मेला स्थल तक आए लेकिन दुकान नहीं लगा पाए। यहां प्रशासन द्वारा बताया गया कि आज का मेला स्थगित कर दिया गया है। आगामी आदेश के बाद मेला का आयोजन किया जाएगा। जिसके बाद व्यापारी निराश होकर अपना सामान लेकर वापस हो गए।
जलप्रपात लगता है आकृषित
शहर से लगे हुए पर्यटन स्थल सहस्त्रधारा में दो दिवसीय मेला रविवार से प्रारंभ हुआ। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी मेले में बड़ी संख्या में शहरवासी एवं ग्रामीण जन पहुंचे। इस मेले की विशेषता रही कि यह पर्यटन स्थल के रूप में जिले से बाहर भी ख्याति प्राप्त है। जहां ऐसा माना जाता है कि भगवान सहस्त्र बाहू ने मां नर्मदा को रोकने का प्रयास किया। नर्मदा रूकी नहीं और आगे बढ़ती गई। जिससे अनेकों जलधाराएं काली चट्टानों के बीच से कलकल करती यहां पर मनमोहक दृश्य पैदा करती है। जिसे देखने पर्यटक यहां अक्सर खिचें चले आते है। जब यहां मेला भरता है तो चट्टानों के बीच गुनगुनी धूप में बैठकर माँ नर्मदा की धाराएं सफेद दूधिया को देखने का एक अलग ही अनुभव होता है। जिस कारण जिले भर से इस मेले में लोग पर्यटन एवं धूप के बीच तेरस में बड़ी संख्या में लोग जुटते है। सहस्त्रधारा का इस पर्यटन स्थल नर्मदा तट में दोनों ओर मेला भरता है। मंडला एवं महाराजपुर दोनों ओर से ही मार्ग है। जहां नर्मदा के काले चट्टानों की विशाल श्रृंखला है। इन काली चट्टानों से नर्मदा की सफेद जलधारा अतिसुंदर दृश्य दिखाई देता है।
परिवार के साथ पहुंचे लोग
सहस्त्रधारा स्थल पिकनिक स्पॉट के रूप में मशहूर है। जहां सुबह से ही लोग परिवार सहित मेला स्थल पहुंचे। पत्थरों के बीच बैठकर परिवार सहित भोजन पकाया और आनंद के साथ भोजन खाया। वहीं अनेकों परिवारों ने घर से भोजन बनाकर ले गए थे जो वहां जाकर सब के बीच खाया। जिसमें बड़े, बुजूर्ग के साथ ही युवक, युवती बड़ी संख्या में पहुंचे। यहां पर अनेक नवविवाहित जोड़े भी थे।

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