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नवंबर माह में भी आसमान में सब्जियों के भाव

Mangal Singh Thakur

Publish: Nov 11, 2019 16:46 PM | Updated: Nov 11, 2019 16:46 PM

Mandla

कम नहीं हो रहे दाम

मंडला. सामान्य तौर पर ठंड के सीजन में हरी सब्जियां सबसे काम दामों पर बिकती है लेकिन इस साल स्थिति अलग है। नवंबर माह में भी सब्जियों के भाव गर्मी के सीजन के बराबर महंगी है। धनिया व लहसुन फुटकर में 250 रुपए किलो तक बिक रहा है। जबकि थोक मंडी में धनिया 30-50 रुपए किलो तक नीलाम हो रहा है। प्याज के भाव को लेकर भी काफी चर्चा चल रही है। फुटकर बाजार में 80 रुपए किलो तक बिक रही। बाजार में नई प्याज ना आने से पुरानी प्याज के भाव कम नहीं हो रहे हैं। सब्जियों के थोक और फुटकर दामों में भारी अंतर है। शनिवार को सुपर मार्केट सब्जी मंडी में प्याज 50 रुपए, आलू 10, भिंडी 20, गिलकी 20 रुपए किलो के भाव बिकी। लेकिन फुटकर बाजार में इन्हीं सब्जियों के भाव दो से ढाई गुना तक रहे।
फसल खराब होने के कारण महंगाई
फुटकर व्यापारियों का कहना है कि बारिश की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में हरी सब्जियां खराब हो गई। जिस वजह से बाजार में सब्जियों की आवक कम हो रही। बताया गया कि पिछले साल नवंबर में प्याज, आलू, टमाटर सहित हरी सब्जियां फुटकर बाजारों में ही 100-25 रुपए किलो के आसपास थी। प्याज 15-20, टमाटर 10-15, भिंडी 20, लौकी 10 और हरी मिर्च 20-25 रु किलो थी। हालांकि अब धीरे-धीरे भाव में कमी आने लगी है।
दाल रोटी भी महंगी
बढ़ती मंहगाई से गरीब दाने दाने को मोहताज हो रहा है वहीं आवश्यक वस्तुएं दाल आदि के दाम आसमान छुने पर लोग को अब सिर्फ नाम लेकर ही संतोष करना पड़ रहा है। आम आदमी की थाली का मुख्य अवयव दाल तक अछूता नहीं रहा है अरहर दाल आज बाजार में 120 से 140 रुपए, मसूर दाल 100 रुपए, उड़द दाल 100 रुपए में बाजार में मिल रही है जिससे आम गरीब आदमी की पहुंच से दाल दूर होती जा रही है। पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ाए जाने से परिवहन के दाम भी बढ़े हुए हैं। जिसके चलते इसकी मार दाल सहित अन्य रोजमररा की आवश्यक वस्तुओं पर भी पड़ रही है।

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