स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

बंद होगा मैनुअल कैश बुक लिखने का चलन

Sawan Singh Thakur

Publish: Aug 21, 2019 18:37 PM | Updated: Aug 21, 2019 18:37 PM

Mandla

एक सितम्बर से आएगा बदलाव, नगरीय प्रशासन विभाग ने ऑनलाइन वित्तीय प्रबंधन पर दिया जोर

मंडला। एक सितम्बर से नगरीय निकायों में हस्तलिखित कैश बुक लिखने का चलन समाप्त हो जाएगा और वित्तीय प्रबंधन मॉडयूल के एमआइएस लॉग-इन व्यवस्था लागू हो जाएगी। इसके साथ ही ऑनलाइन नागरिक सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
विभागीय जानकारी के अनुसार इस व्यवस्था से पहले हस्तलिखित कैश बुक तथा ऑनलाइन कैश बुक में किसी प्रकार का अंतर है तो उसका निराकरण तत्काल किया जाएगा। इसी तरह इ-नगरपालिका के एमआइएस का दैनिक आधार पर अवलोकन कर जन शिकायतों का निवारण निर्धारित समय सीमा में किया जाएगा। अब नागरिकों को दफ्तर में बुलाने की बजाय घर बैठे नागरिक सेवाओं का लाभ दिए जाने के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी जाएगी।
इन सुविधाओं को ऑनलाइन करने पर जोर
१. अप्रैल से लागू ऑटोमेटिक बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम का बोर्ड सभी जोन कार्यालय में लगाया जाएगा। सभी नगरीय निकाय इस पर काम करेंगे।
2. सम्पत्ति कर, जल कर समेत सभी टैक्स, दुकान किराया व बकायादारों का मांग पत्र तथा भुगतान व्यवस्था इ-नगरपालिका के माध्यम से होगी।
3. होर्डिंग्स, एडवरटाइजिंग, पार्किंग शुल्क, ट्रेड लाइसेंस एवं बाजार बैठकी वसूली के प्रयास किए जाएंगे।
4. शासकीय सेवाओं से सेवा शुल्क की वसूली के लिए मांग-पत्र तैयार किया जाएगा।

एक सितंबर से यह व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू की जा रही है। इस संबंध में विभागीय तैयारियां भी जारी हैं।
प्रदीप झारिया, सीएमओ, नगरपालिका।