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नर्मदा में समाया विसर्जन कुंड, तत्काल संगम घाट पर दूसरी व्यवस्था

Sawan Singh Thakur

Publish: Sep 13, 2019 19:52 PM | Updated: Sep 13, 2019 19:52 PM

Mandla

भारी सुरक्षा के बीच गणेश विसर्जन, रपटा पुल पर यातायात नियंत्रण के लिए मशक्कत

मंडला। गुरूवार को दिन भर बारिश होने के बावजूद पूरा नगर गणपति बप्पा के जयकारों से गुंजायमान रहा। जिले समेत अंचल की सड़कों में बैंड बाजा, भजन मंडलियों के साथ भक्त गणेश विसर्जन के लिए निकले। भक्ति गीतों की धुन पर मदमस्त होकर भक्तों ने खूब जयकारे लगाए। 10 दिनों की पूजा-अराधना के बाद अनंत चौदस को गणपति देव का विसर्जन धूम-धाम से किया गया। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद नर्मदा में विसर्जन रोकने के लिए घाटों पर पुलिस बल तैनात किया गया था। नगर के नाव घाट पर नगरपालिका द्वारा विसर्जन कुंड का निर्माण किया गया था लेकिन कल दोपहर तक नर्मदा के बढ़ते जलस्तर में वह कुंड नर्मदा में ही समा गया। इस बात की जानकारी नगरपालिका सीएमओ प्रदीप झारिया ने कलेक्टर जगदीश चंद्र को दी और तत्काल उपनगरीय क्षेत्र महाराजपुर में नए विसर्जन कुंड का निर्माण शुरु किया गया।
जारी रही मुनादी
चूंकि पिछले पांच वर्षों से नगर के लोग नाव घाट स्थित विसर्जन कुंड मे गणेश विसर्जन कर रहे हैं। कल भी विसर्जन पूर्व निर्धारित स्थाना नाव घाट पर ही होना था इसलिए दर्जनों लोग दोपहर से पहुंचने लगे। नगरपालिका ने शहर में मुनादी करानी शुरु कर दी कि बारिश के कारण नाव घाट नहीं बल्कि उपनगरीय क्षेत्र महाराजपुर स्थित संगम घाट मे विसर्जन कुंड में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। इसके साथ ही नाव घाट पर नगरपालिका कर्मचारियों और पुलिस बल की तैनाती की गई जिन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई थी कि वहां आने वाले नगरवासियों को संगम घाट के विसर्जन कुंड पर भेजने को कहा जाए। पुलिस बल के साये में गुरूवार को गणपति विसर्जन संपन्न हुआ।
सुबह से हवन पूजन
सुबह से ही पंडालों और घरों में हवन पूजन संपन्न हुआ। जगह-जगह भंडारे आयोजित किए गए। कल अनंत चौदस के अवसर पर शहर के अधिकांश पंडालों में हवन-पूजन के बाद कन्याभोज और भंडारे का आयोजन किया गया। संगम घाट में कुंड का निर्माण कर लायनर के लिए प्लास्टिक लगाकर मॉ नर्मदा का जल भरा गया। सुरक्षा के लिए पोखर के चारो ओर बेरीकेटिंग लगाए गए। पूजा-पाठ से निकली निर्माल्य सामग्री को इक्टठा करने के लिए डस्टबिन रखे गए। वाहन पार्किंग के लिए अस्थाई मार्ग का निर्माण कराया गया। नगर पालिका द्वारा गणेश विसर्जन के पूर्व की गई तैयारी का जायजा लेने नगर पालिका अध्यक्ष पूर्णिमा शुक्ला द्वारा संगम घाट कुंड का निरीक्षण किया गया।
अन्य घाटों पर विसर्जन रोकने के साथ ही लोगों को नर्मदा के पानी से दूर रखने के लिए पुलिस विभाग ने चाक चौबंद व्यवस्था की थी। घाटों पर तैनात पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाईश दी। अन्य घाटों पर विसर्जन करने पहुंचे लोग पुलिस की सख्ती के चलते बिना विसर्जन किए ही वापिस आ गए।
घुघरी. गणेशोत्सव की धूम अंचल में भी देखने को मिली। गुरूवार की दोपहर से ही तालाबों नदी घटों में लोगों ने घरों में स्थापित भगवान गणेश प्रतिमा को विसर्जन के लिए लेकर पहुंचे। पैदल, वाहन तो कोई हाथ ठेला में भजन कीर्तन करते हुए शोभायात्रा निकाली। घरों में स्थापित गणेश प्रतिमाएं विसर्जित की गई। कुछ प्रतिमाओं का विसर्जन आज किया जाएगा।
नैनपुर. अस्थाई विसर्जन कुंड में नगर की सभी गणेश प्रतिमायें का विसर्जन बाजे गाजे के साथ उत्साह पूर्ण किया गया। श्रद्धालुओं ने दस दिनो तक बड़े श्रृध्दा भाव के साथ भगवान गणेश की पूजा अर्चना की और समापन अवसर पर हवन भोग भंडारा किया गया। विसर्जन कुंड में आरती कर गणेश जी से सभी कष्टों को हरने एवं नगर व देश के लिए सुख शांति की कामना की।
निवास. गुरूवार को गणपति विसर्जन का दौर शुरू हो गया है। नगर पर चल रही सभी शैक्षणिक संस्था में स्थापित गणपति जी की विदाई की गई।
भुआबिछिया. नम आंखों से 10 दिन बाद श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की विदाई की। नगर में गणेश उत्सव का पर्व पर विभन्न अयोजनों के साथ भंडारे का अयोजन किया गया। बैंड की धुन पर नाचकर युवाओं ने तालाब और एनीकट में विसर्जन किया। रेस्ट हाउस, विनोद रंगमंच, जंतीपुर, खेरमाई वार्ड बिछिया, भुआ, मुक्ति मार्ग आदि स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गईं थी। पंडालों की विशेष साज-सज्जा की गई थी। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणपति विसर्जन के चल समारोह में, टोलियों में गणपति को हाथों में लेकर, आटो रिक्शा में, ट्रेक्टर सहित विभिन्न वाहनों में गणपित अपने धाम गए।
बम्हनीबंजर. सार्वजनिक गणेश उत्सव समिति बस स्टैंड के प्रांगण में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी बड़े ही धूमधाम से गणेश चतुर्थी से अनन्त चतुर्दश तक विभिन्न कार्यक्रम समिति द्वारा किया गया। विसर्जन के दिन भंडारा एवं नगर भोज का आयोजन समिति द्वारा किया गया। जिसमें भगवान श्री गणेश जी को भोग लगाते हुए कन्या भोजन के साथ नगर भोज कराया गया।