स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

घरेलू दर के आधार पर जारी किया जाएगा पंडालों का बिल

Mangal Singh Thakur

Publish: Sep 02, 2019 16:27 PM | Updated: Sep 02, 2019 16:27 PM

Mandla

बढ़ी दर पर होगी गणना

मंडला. आज सितंबर से शुरू हो रहे गणेशोत्सव में बिजली चोरी रोकने के लिए मप्र बिजली वितरण कंपनी ने पंडालों को अस्थायी विद्युत कनेक्शन देने का निर्णय किया है। जिसका बिल घरेलू दर के आधार पर, लेकिन यह बिल बढ़ी हुई दर से बनेगा। कंपनी ने बिना कनेक्शन लिए बिजली उपयोग करने वाले झांकी समितियों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी निर्णय लिया है। इस साल गणेशोत्सव में शहर में लगभग 20 बड़ी झाकियां लग रही है। इनमें लाइटिंग और सजावट के लिए समितियों को बिजली की जरूरत होगी। मप्र विजली कंपनी ने इन सभी को अस्थायी बिजली कनेक्शन लेना अनिवार्य कर दिया है। कंपनी ने धार्मिक उत्सव समितियों को निर्देश दिए है कि गणेशोत्सव-दुर्गोत्सव के दौरान पंडालों एवं झांकियों में बिजली की साज-सज्जा अस्थाई कनेक्शन लेकर ही करें। विद्युत वितरण कंपनी ने धार्मिक उत्सव समितियों से कहा है कि रसीद की लेमीनेटेड प्रति अनिवार्य रूप से पंडाल-झांकी के सामने लगाएं। कनेक्शन के लिए ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं।
अग्रिम में जमा करे सुरक्षा निधि
झाकियों को विद्युत कनेक्शन मीटरीकृत होगा। विद्युत देयक की बिलिंग नियमानुसार अस्थायी कनेक्शन के लिये लागू घरेलू दर पर की जाएगी। यह 17 अगस्त से लागू नई बढ़ी हुई दर पर होगी। इसके लिए आवेदन में दर्शाए अनुसार विद्युत भार के अनुरूप सुरक्षा निधि एवं अनुमानित विद्युत उपभोग की राशि अग्रिम जमा करा कर पावती रसीद प्राप्त करें और इस पावती को झांकी पंडाल में लगाकर रखे। ताकि बिजली कंपनी के अधिकारी आए तो जांच में यह पावती दिखे।
अधिक विद्युत भार नहीं करेंगे उपयोग
बिजली कंपनी ने सचेत किया है कि अधिक भार से ट्रांसफार्मर के जलने की संभावना तथा दुर्घटना की आशंका रहती है। इसलिए धार्मिक उत्सव समितियों को आवेदित विद्युत भार से अधिक का उपयोग नहीं करने का लिखित आश्वासन देना होगा।
अनाधिकृत उपयोग पर कार्रवाई
बिजली कंपनी ने समितियों को निर्देश दिए है कि अनाधिकृत विद्युत उपयोग करने पर इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 के तहत उपयोगकर्ता एवं जिस विद्युत ठेकेदार से कार्य कराया गया है, उसके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। अनधिकृत विद्युत उपयोग की दशा में संबंधित विद्युत ठेकेदार का लायसेंस भी निरस्त हो सकता है।