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पंचायतों में ग्राम सभा आयोजित कर जताएंगे विरोध

Mangal Singh Thakur

Publish: Sep 14, 2019 11:59 AM | Updated: Sep 14, 2019 11:59 AM

Mandla

राजा दलपत शाह अभयारण्य के लिए नहीं होने देंगे विस्थापन

नारायणगंज. प्रस्तावित राजा दलपत शाह अभयारण्य का विरोध बीजाडांडी, निवास व नारायणगंज विकासखंड की जनता के द्वारा किया जा रहा है। जिसको लेकर शुक्रवार को बीजाडांडी में जनप्रतिनिधियों व नागरिकों की उपस्थित में बैठक आयोजन किया गया। बैठक में बताया गया कि बरेला, बीजाडांडी, कालपी तथा टिकरिया वन परिक्षेत्र को मिलाकर राजा दलपत शाह अभयारण्य का निर्माण होना प्रस्तावित है। इससे क्षेत्र में निवास करने वाले समुदाय के जन जीवन पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। बैठक में बताया गया कि बीजाडांडी विकास खंड के 40 पंचायत के सरपंचो से इस सबंध में चर्चा कर विरोध किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि राज्य में 10 राष्ट्रीय पार्क एवं 25 अभयारण्य हैं । जिसके कारण 94 गांव के 5 हजार 460 परिवारों बहुत पहले विस्थापित किए जा चुके हैं तथा इस राष्ट्रीय पार्क में अब में कोर एरिया बढ़ाने के नाम पर 109 गांव के 10 हजार 438 परिवारों को हटाये जाने की कार्यवाही जारी है। प्रदेश सरकार द्वारा 12 टाईगर सेंचुरी बनाने का प्रस्ताव है जिसमें दलपत शाह अभयारण्य भी एक है। वन अधिकार कानून 2006 के अन्तर्गत इस क्षेत्र में निवास करने वाले ग्राम वासियों का सामुदायिक अधिकार मान्यता की प्रक्रिया पुर्ण किए बिना अभयारण्य की कार्यवाही शुरू करना असंवैधानिक है। इस दौरान अभयारण्य के विरोध में प्रस्ताव लेना, कानूनी परामर्श लेना, राज्य स्तर पर इस विषय पर कार्यरत समूहों के साथ सम्पर्क करना और रघुनाथ शाह एवं शंकर शाह बलिदान दिवस 18 सितम्बर से अभयारण्य के खिलाफ विरोध तेज करना आदि है। बैठक के बाद जनपद पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें प्रस्तावित राजा दलपत शाह अभयारण्य के संबंध में सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा आयोजित किए जाने की मांग की गई। ताकि क्षेत्र की जनता अपना दर्द बयां कर सके।