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बारिश के मौसम में डायरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी, एक दिन में तीन दर्जन डायरिया के मरीज पहुंचे

Amaresh Singh

Publish: Jul 18, 2019 17:31 PM | Updated: Jul 18, 2019 17:31 PM

Mandla

छह दिनों में जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की संख्या 2300 का आंकड़ा पार कर चुकी है

मंडला। बारिश के दस्तक देते ही जिले में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप छाने लगा है। डायरिया पर नियंत्रण लगाने के लिए कवायद शुरु की गई है। जिले में उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। वार्डों में मरीज बेड पर और अन्य मरीज फ्लोर बेड पर अपना उपचार करा रहे हैं। इसके अलावा सर्दी, खांसी, बुखार आदि के मरीजों की भी जिला अस्पताल में कतार लगी हुई है। ज्ञात हो कि महज छह दिनों में जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की संख्या 2300 का आंकड़ा पार कर चुकी है।


पहले सेमीकोल, अब पोंड़ी
बुढ़ार पंचायत के सेमीकोल, इसके अलावा बिछिया, मोहगांव के मरीजों महिला के उल्टी-दस्त की चपेट में आने से उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया। अब उपनगरीय क्षेत्र महाराजपुर के पोंड़ी गांव में उल्टी दस्त ने पैर पसारने शुरु कर दिए हैं। आइसोलेशन वार्ड में इस गांव से 7-8 मरीजों को भर्ती किया गया है। इनमें धनराज बरकड़े पिता मानिक लाल उम्र 46 वर्ष, कायलीबाई मरकाम उम्र 45 वर्ष, एक ही परिवार के रतिराम उम्र अमनसिंह वायाम उम्र 45 वर्ष, इसका पुत्र दुर्गेश वायाम उम्र 11 वर्ष, पुत्री क्रांति बाई उम्र 8 वर्ष आदि शामिल हैं। हिरदेनगर से भी डायरिया पीडि़तों को जिला अस्पताल इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।


चरमरा गई व्यवस्था
एक ओर संक्रमण की चपेट में आकर अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में जबर्दस्त वृद्धि हो रही है तो दूसरी ओर अस्पताल की व्यवस्था पटरी से उतर गई है। अस्पताल भवन के प्रथम तल में बदबू और सड़ांध दिन-रात छाई रहती है। इस कारण वार्डों के बीच बने गलियारे से गुजरना भी लोगों को भारी पड़ रहा है। वार्ड के सामने और आसपास फैली सड़ांध के कारण मरीजों के परिजनों को भी मितली आने लगी है। शौचालयों के हालत तो और भी बदतर हैं।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ केसी सरोते से इस बात की शिकायत करने वालों को एक ही जवाब मिल रहा है कि अस्पताल प्रबंधन के सिविल सर्जन से उक्त शिकायत की जाए। मरीजों के परिजनों का कहना है कि सीएस को अस्पताल में छाई व्यवस्था दिखाई ही नहीं पड़ रही है।


एक दिन में 37 डायरिया पीडि़त
पिछले एक सप्ताह में सबसे अधिक डायरिया पीडि़त बुधवार को गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचे। इनकी संख्या 37 थी। सभी को अस्पताल में भर्ती किया गया। इससे ठीक एक दिन पहले 16 डायरिया पीडि़तों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था। जानकारी के अनुसार, आइसोलेशन वार्ड में लगभग 40 मरीज भर्ती हैं। जबकि यहां बेड की संख्या उतनी ही है जितनी पहले थी। इसकारण भर्ती मरीजों को परेशानी हो रही है। सीएमएचओ डॉ केसी सरोते ने कहा कि उल्टी-दस्त पर नियंत्रण करने के लिए ही तैयारी शुरु की जा रही है। इस संबंध में बैठक का आयोजन भी किया गया है। इसके अलावा पूरे गांंवों में स्वास्थ्यकर्मियों की टीम भ्रमण कर लोगों का इलाज कर रही है।