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रहवासी क्षेत्र में पहुंचा अजगर तो घायल कर के पहुंचाया जंगल

Mangal Singh Thakur

Publish: Sep 16, 2019 09:04 AM | Updated: Sep 15, 2019 20:28 PM

Mandla

रेस्क्यू टीम में के सामने ग्रामीणों ने लकड़ी और रस्सी से पहुंचाई चोट

मंडला. अजगर का रेस्क्यू करने पहुंची टीम के सामने ही ग्रामीणों ने अजगर को अधमरा कर दिया। अनुभव हीन होने के कारण अजगर को काफी चोट पहुंचाई। आलाम यह था कि लगभग आधा घंटे तक ग्रामीण अजगर को मनोरंजन की तरह उपयोग करते रहे है। वन विभाग से पहुंची टीम के सदस्य यह सब नजारा देखते रहे। मामला मोती नाला क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम भीमडोंगरी का है। जहां लगभग 8 से 10 फीट का अजगर रहवासी क्षेत्र में पहुंच गया। अजगर को देखने के बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई। वहीं ग्रामीणों ने भी अजगर को पकडऩे का प्रयास शुरू कर दिया। पकडऩे के लिए ग्रामीणों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। बैगर किट व अनुभव के ग्रामीण लकड़ी और रस्सी के सहारे लापरवाही पूर्वक अजगर को पकडऩे का प्रयास करते नजर आए। इस दौरान अजगर चोटिल भी हुआ। लगभग आधा घंटे परेशान होने के बाद अजगर भी थक गया था। जब उसे बोरे में भरा गया तब तक वह काफी परेशान हो चुका था। पकडऩे के बाद घायल अवस्था में ही अजगर को बोरे में भरकर जंगल में छोड़ा गया है।
लुप्त प्राय प्राणी है अजगर
इन अगजरों को इंडियन पायथन कहा जाता है। अजगर भारत में लुप्तप्राय प्राणी की श्रेणी में आता है, इसलिए वन प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची एक मे इसे शामिल किया गया है। इनके शिकार पर तीन से सात साल की सजा और 10 हजार रुपए से अधिक के जुर्माने का प्रावधान है। लुप्त प्राय प्राणी की श्रेणी में शामिल होने के बाद भी अजगरों के संरक्षण के लिए वन विभाग के द्वारा विशेष प्रयास नहीं किए जा रहे हैैं। वन कर्मचारियों को इसके रेस्क्यू के लिए किट उपलब्ध नहीं कराई जाती नहीं किसी प्रकार का प्रशिक्षण दिया जाता है। जिसके कारण लापरवाही पूर्वक ही अजगरों को पकड़कर चोट पहुंचाई जाती है।