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अंतिम तिथि के बावजूद सैकड़ों किसान पंजीयन से वंचित

Mangal Singh Thakur

Publish: Nov 09, 2019 16:54 PM | Updated: Nov 09, 2019 16:54 PM

Mandla

किसानों ने की दस्तावेज में गड़बड़ी की शिकायत

मंडला. धान उपार्जन के लिए जिले भर में किसानों का पंजीयन 6 नवंबर तक जारी रहा। दोपहर 2 बजे के आंकलन के मुताबिक जिले भर से इस बार लगभग 26 हजार 900 किसानों ने धान उपार्जन के लिए अपना पंजीयन कराया है। जबकि जानकारों का कहना था कि इस वर्ष लगभग 30 हजार किसानों के पंजीयन कराए जाने की उम्मीद थी। हजारों किसानों ने मात्र इस वजह से अपना पंजीयन नहीं कराया क्योंकि पिछले वर्ष के भू आंकलन और इस वर्ष के भू -आंकलन में अंतर आ गया है। यह अंतर कैसे आया इस बारे में किसानों को भी जानकारी नहीं है। किसानों का कहना है कि जिस जमीन को उसके दस्तावेज में गत वर्ष तक सिंचित दर्शाया गया था, इस वर्ष उसकी जमीन को असिंचित दर्शाया जा रहा है। ऐसे में यदि वह धान उपार्जन के लिए पंजीयन कराए भी तो उसे पूर्ण लाभ नहीं मिलेगा।
कल तक थी अंतिम तिथि
धान उपार्जन के लिए जिले भर के किसानों को 6 नवंबर तक का समय दिया गया था। कल तक पंजीकृत किसानों की संख्या 26 हजार 900 बताई जा रही है। नैनपुर क्षेत्र में लगभग 350 किसान ऐसे हैं जिनका पंजीयन इसलिए बाधित हो रहा है कि उनकी सिंचित भूमि को अब रिकार्ड में असिंचित बताया गया है। बिछिया क्षेत्र में ऐसे किसानों की संख्या 250 से अधिक बताई जा रही है जिनके खेती की जमीन को असिंचित घोषित कर दिया गया है। यही कारण है कि पीडि़त किसान अपने दस्तावेजों के सुधार कार्य में जुटे रहे और उनकी पंजीयन की अंतिम तिथि निकल गई।
नहीं मिलेगा बोनस
जिला खाद्य आपूर्ति विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस वर्ष किसानों से 1815 रुपए प्रति क्ंिवटल के भाव से धान खरीदा जाएगा। उक्त राशि में बोनस राशि शामिल नहीं है। जिले के उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी 25 नवंबर 2019 से शुरु होगी और 20 जनवरी 2020 तक यह खरीदी जारी रहेगी। अनुमान के मुताबिक इस वर्ष 10.50 लाख क्ंिवटल धान खरीदी की जा सकती है।
उपार्जन केन्द्र देवरी कला बबलिया बंद होने से किसानों में आक्रोश
बबलिया। विपणन एवं सहकारी संस्था मर्यादित नारायणगंज द्वारा गेहॅू एवं धान का समर्थन मूल्य पर खरीदी पिछले कई महीनों से बंद है। नारायणगंज, देवरी-कला, बबलिया में किसान पंजीयन एवं विक्रय के लिए भवन के चक्कर काट रहे है। अब तक यहां से दर्जनों ग्रामीण निराश लौट चुके हैं। मझगॉव निवासी भोरे सिंह ने बताया कि वह भी यहां दो दिनों पहले धान पंजीयन के लिए आया था किन्तु समर्थन मूल्य विक्रय केन्द्र बंद होने से पंजीयन नही हो पाया।
कई किमी दूर जाकर बेच रहे उपज
बबलिया क्षेत्र के किसान माहू लाल यादव, भूवनलाल मरावी, बेलनसिंह वरकडे, मूरतसाहू, हीरालाल उद्द,े राजकुमार परस्ते, धनसिंह कुलस्ते, मुन्नालाल उईके, शिवदयाल उईके, गौतम यादव, मुन्ना लाल यादव आदि दर्जनों किसानों ने बताया है कि किसानों की परेशानी को देखते हुए क्षेत्र में गेहूं-धान को समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए उक्त केन्द्र खुलवाया गया था, अब यहां मनमानी होने के कारण पूरे क्षेत्र के किसान परेशान हो रहे हैं। स्थानीय किसानों ने बताया गेहंू धान की बिक्री के लिए उन्हें 20 किमी दूर निवास, 21 किमी दूर नारायणगंज, 30 किमी दूर बकौरी, 70 किमी दूर बीजाडांडी जाने को विवश हैं ताकि समर्थन मूल्य पर गेहंू धान आदि बेच सकें। जिला प्रशासन एवं जन प्रतिनिधियों से क्षेत्रीय जनता ने आग्रह किया है देवरीकला बबलिया स्थित खरीदी केन्द्र को शुरु कराया जाए।

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