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अतिथि शिक्षकों ने सौंपा अल्टीमेटम ज्ञापन

Mangal Singh Thakur

Publish: Sep 01, 2019 12:08 PM | Updated: Sep 01, 2019 12:08 PM

Mandla

50 किलोमीटर पैदल निकालेंगे आक्रोश रैली

मंडला। जल्द से जल्द नियमितीकरण के ठोस निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री के नाम जिले के अतिथि शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अल्टीमेटम ज्ञापन सौंपा है। अतिथि शिक्षकों ने बताया है 30 अगस्त को जिले के समस्त विकासखंडों से अतिथि शिक्षक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में अपनी मुख्य मांगों को लेकर सरकार को अल्टीमेटम भी दिया गया है कि 2 सितंबर तक सरकार यदि हमारी मुख्य मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती है, तो 4 और 5 सितंबर को सीहोर से भोपाल तक प्रांत व्यापी आक्रोश रैली के साथ प्रदर्शन कर सरकार की दोगली नीतियों का पुरजोर विरोध किया जाएगा। सरकार पर यह भी आरोप लगाया गया है, कि संपूर्ण प्रदेश के अतिथि शिक्षक इस समय भारी संकटों के दौर से गुजर रहे हैं। कई स्थानों पर तो सालों से मानदेय का भुगतान नहीं कराया जा सका है। उदाहरण के रूप में जिले के ही निवास विकासखंड के अंतर्गत आने वाले स्कूलों के अतिथि शिक्षकों को 2019 से बढ़ा हुआ मानदेय का भुगतान नहीं कराया गया है। इस सत्र के लिए भर्तियां तो कर ली गई हैं पर पोर्टल में आनलाइन फीडिंग नहीं की जा रही है। जिससे मानदेय के लिए संशय बना हुआ है। पर साल के आधे समय का रोजगार ही सही, वर्षों से कार्यानुभवी हो चुके अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया हर शिक्षा सत्र में लाना पूर्णत: गलत है। इससे आज कल के सेमेस्टर पद्दति से पास प्रतिभागियों की बराबरी मैरिट युक्त शैक्षिक योग्यता में पहले से काम कर रहे लोग नहीं कर सकते। नये आवेदकों का रजिस्ट्रेशन के नियम लागू कर दिए गए। ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया लाई गई। एक शाला एक परिसर नियम का प्रयोग किया गया। शिक्षकों की अतिशेष नीति, ट्रांसफर नीति, इत्यादि तमाम प्रकार की अतिथि शिक्षक विरोधी नीतियों को लागू कर राजनेता और विभागीय अधिकारी अपना घर भरते जा रहे हैं। वर्षों से अत्यंत कम मानदेय पर स्कूलों में सेवा देते आ रहे अतिथि शिक्षक इन तमाम जानलेवा नीतियों के लागू होते रहने के दुष्परिणाम स्वरूप काम से बाहर होते जा रहे हैं।
स्थानीय उदाहरण देते हुए यह भी बताया गया है कि मंडला जिले के विकासखंड मोहगांव ग्राम मलवाथर निवासी अतिथि शिक्षक मुकेश सोनवानी को अभी अभी ह्रदय घात का शिकार होना पड़ा। जिसके पीछे मुकेश के मित्रों ने कारण बताया है कि उनकी जगह पर ट्रांसफर नीति के चलते रेगुलर शिक्षक आ गए हैं। जिससे इन्हें काम से बाहर होना पड़ा और चिंता ही चिंता में इस दौर से गुजरना पड़ा। इस तरह अटैक जैसे अनायास बीमारी से भी गरीब अतिथि शिक्षक लडऩे को मजबूर हो रहा है। उन्हें जबलपुर हॉस्पिटल भर्ती कराना पड़ा है। संगठन से पीडी खैरवार ने आगे बताया है कि अतिथि शिक्षक परिवार ने सौंपे ज्ञापन में अल्टीमेटम दिया है, कि सरकार उनकी मांगों का निराकरण 2 सितंबर 2019 तक करे। वरना संपूर्ण अतिथि शिक्षक सरकार की जन विरोधी नीतियों का भंडाफोड़ करने के लिए बाध्य हो जाएंगे, जिसका प्रारंभ 3 सितंबर से कर देंगे। हाथ में तिरंगा झंडा थामकर सीहोर से भोपाल तक लगभग पचास किलोमीटर पैदल तिरंगा यात्रा के लिए घरों से निकल पड़ेंगे। ज्ञापन अवसर पर मुख्य रूप से प्रह्लाद झरिया, पंचम लाल झरिया, सुदर्शन यादव शिवदयाल कुलस्ते, अखिलेश झारिया, अतुल द्विवेदी, नरेंद्र ठाकुर, अमित पटेल, नंदकिशोर तिवारी, राजेश रजक, बिहारी कछवाहा, संजय सिसोदिया, दशरथ कुमार मिश्रा आदि उपस्थित रहे।