स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

आज मनाई जाएगी देवउठनी एकादशी

Sawan Singh Thakur

Publish: Nov 08, 2019 04:00 AM | Updated: Nov 07, 2019 18:53 PM

Mandla

चार महीने बाद शयन से जागेंगे देव

मंडला। देवउठनी एकादशी आठ नवम्बर को मनाई जाएगी। इसके साथ ही चार माह से क्षीर सागर में विश्राम कर रहे श्रीहरि विष्णु शयन से जागेंगे। उठो देव.....जागो देव....कहते हुए भगवान को उठाया जाएगा। इसके बाद शुभ व मांगलिक कार्यों का सिलसिला शुरू होगा। वैवाहिक कार्यों के लिए इस वर्ष एकादशी को मुहूर्त नहीं है। ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि परम्परागत मान्यताओं के आधार पर ही इस वर्ष इस दिन विवाह होंगे। पंचांग के मुताबिक 19 नवम्बर से विवाह के मुहूर्त है। देवउठनी एकादशी के दिन को उत्तम माना गया है।
पंडित लक्ष्मीकांत द्विवेदी ने बताया कि तुलसी विवाह के रूप में इस दिन को मनाया जाता है। इस वर्ष आठ नवंबर को पूर्वा भाद्रपद एवं उत्तरा भद्रपद नक्षत्र में मनाया जाएगा। इस दिन तुलसी विवाह की विधि भगवान शालीग्राम से की जाएगी। इसके साथ ही शुभ कार्यों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। 12 जुलाई से देवशयनी के बाद से शुभ कार्य वर्जित थे। इस कारण गृह प्रवेश, विवाह जैसे कार्य नहीं हो रहे थे। अब देव उठनी से शुभ कार्य होंगे।
मंडप सजाकर करेंगे तुलसी विवाह
तुलसी को बेटी स्वरूप मानकर देवउठनी एकादशी के दिन विवाह की विधि की जाएगी। घर में मंडप सजाकर हल्दी का लेप व शृंगार की सामग्री अर्पित की जाएगी। भगवान शालीग्राम के साथ विवाह की विधि पूरी करते हुए सुख-समृद्धि की कामना की जाएगी।
देवउठनी एकादशी को नहीं है विवाह मुहूर्त
इस वर्ष देवउठनी एकादशी को विवाह के मुहूर्त नहीं है। ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि इस वर्ष देवगुरु बृहस्पति व शुक्र के अस्त होने के कारण मुहूर्त नहीं बन रहा है। विवाह के मुहूर्त पंचागों के मुताबिक 19 नवम्बर से है। इसके बाद शहनाई बजेगी।
इस वर्ष 12 दिसंबर तक है मुहूर्त
ज्योतिष के मुताबिक विवाह के मुहूर्त इस वर्ष 12 दिसंबर तक ही रहेंगे। इसमें नवम्बर में 19, 20, 21, 22, 23, 24, 28, 29 व 30 को है। दिसम्बर में 5, 7, 11 व 12 दिसंबर तक मुहूर्त है। इसके बाद जनवरी 2020 में 19 तारीख से विवाह के मुहूर्त फिर से प्राप्त होंगे।

[MORE_ADVERTISE1]