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धीमे सर्वर में अटक रहे जन्म प्रमाण पत्र,

Mangal Singh Thakur

Publish: Sep 02, 2019 11:53 AM | Updated: Sep 02, 2019 11:53 AM

Mandla

प्रसूता को समय पर नहीं मिल रहे बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र

मंडला. जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की भर्ती भी हो रही है और उन्हें प्रसव भी हो रहा है लेकिन प्रसूताओं को अपने बच्चे के जन्म प्रमाणपत्र के लिए पिछले 15 दिनों से भटकना पड़ रहा है। इसका कारण है तकनीकी समस्याएं, जिसके कारण संबंधित विभाग समय पर प्रसूताओं को उनके बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र मुहैया कराने में अक्षम हो रहे हैं। दरअसल, जिला अस्पताल में आए दिन इंटरनेट कनेक्शन में तकनीकी खामियों के कारण सर्वर डाउन की समस्या बन रही है और इसके कारण जन्म प्रमाण पत्र के लिए न ही पर्ची काट पा रहे हैं और न ही प्रमाणपत्र बन रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी उन प्रसूताओं को हो रही है जिन्हें दूरदराज के क्षेत्रों से प्रसव के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। प्रसव के बाद उन्हें डिस्चार्ज तो कर दिया जाता है और वे बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र के बिना ही निराश लौट रहे हैं।
जरुरी है प्रमाणपत्र
जिन गर्भवती महिलाओं को दूरस्थ अंचलों से लाकर भर्ती किया जाता है। डिस्चार्ज होने के समय यदि उन्हें जन्म प्रमाणपत्र न मिले तो उनके परिजन दोबारा जिला अस्पताल आने में कोताही बरतते हैं। इस बारे में विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जन्म प्रमाणपत्र न होने से कई बार भविष्य में बच्चे और उसके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। थोड़ा सा समय, रुपए और अपनी मजदूरी बचाने के प्रयास में ग्रामीण जन्म प्रमाण पत्र को बनवाना भूल ही जाते हैं। ऑनलाइन काउंटर में बैठने वाले कर्मचारियों का भी यही कहना है कि ग्रामीण प्रमाणपत्र के लिए बिल्कुल भी इंतजार नहीं करते और न ही शीघ्र ही दोबारा लौटकर प्रमाणपत्र की प्रक्रिया पूरी करने में रुचि लेते हैं।
तकनीकी शाखा के अधिकारियों के अनुसार, पूरे भारत में अब जिला अस्पताल से जारी किए जाने वाले जन्म प्रमाण पत्र ऑन लाइन ही जारी किए जा रहे हैं। प्रमाणपत्र के लिए सिर्फ एक ही पोर्टल है, जिसमें पूरे देश के जिला अस्पतालों के संबंधित कर्मचारी ऑनलाइन प्रमाणपत्र के लिए काम करते हैं। कई बार सॉफ्टवेयर में कोई अपडेशन होने के कारण साइट बंद रहती है तो कई बार सर्वर धीमा होने के कारण एंट्री नहीं हो पाती।
नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कर्मचारियों ने बताया कि जब भी सॉफ्टवेयर में कोई अपडेशन होता है तो उस संबंध में किसी भी तरह की जानकारी वेब पोर्टल पर दर्शाई नहीं जाती। ऐसे में दिल्ली स्थित टोल फ्री नंबर +917859939940 में संपर्क किया जाता है। वहां से ही वेब पोर्टल अथवा सॉफ्टवेयर में किए गए अपडेशन के बारे में जानकारी दी जाती है। कई बार अपडेशन के दौरान पोर्टल काम नहीं करते तब दिल्ली स्थित टोल फ्री नंबर से बताया जाता है कि सॉफ्टवेयर अपडेट होने के कारण बंद किया गया है। कितने समय तक बंद रहेगा, इसकी जानकारी भी वहीं से दी जाती है। तब वे जन्म प्रमाण पत्र के लिए सामने खड़े परिजन को इस बारे मे बताते हैं। कर्मचारियों ने बताया कि यदि परिजनों को मात्र एक से डेढ़ घंटे तक इंतजार करने को कहा जाए वे उतने के लिए भी नहीं रुकते और घर वापसी कर जाते हैं।
पहले एक थी, अब दो आईडी
तकनीकी शाखा की जानकारी के अनुसार, जन्म प्रमाणपत्र और पर्ची जारी करने आदि के लिए सिर्फ एक ही आईडी पर काम चलता था। 15 दिनों पहले ही सॉफ्टवेयर में अपडेशन किया गया, अब तकनीकी विभाग को रिपोर्टिंग के लिए अलग आईडी में काम करना पड़ता है और जन्म प्रमाणपत्र के लिए अलग आईडी बनाई गई है। कई बार पोर्टल में काम का लोड अधिक होने के कारण सर्वर डाउन हो जाता है। यह बात प्रसूतिकाओं के परिजनों से बताई जाती है लेकिन गांव-देहात के परिजन तकनीकी भाषा समझते नहीं हंै और नाराजगी जताकर चले जाते हैं।