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पीएम मोदी को खून से खत लिख आधा दर्जन बुंदेलियों ने मांगी इच्छा मृत्यु

Mahendra Pratap Singh

Publish: Dec 10, 2019 16:52 PM | Updated: Dec 10, 2019 16:52 PM

Mahoba

अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर महोबा में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बुंदेली समाज ने प्रधानमंत्री को खून से खत लिखकर इच्छा मृत्यु मांगी।

महोबा. अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के दिन महोबा में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर आज बुंदेली समाज के आधा दर्जन सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खून से खत लिखकर इच्छा मृत्यु की मांग की है। बुंदेली समाज स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली में सुधार और जिले में एक मेडिकल कालेज सहित बुन्देखण्ड अलग राज्य की मांग को लेकर पिछले 530 दिनों से अनशन पर बैठा है।

खून से लिखा यह खत इच्छा मृत्यु की मांग पीएम मोदी से कर रहा है। अगर इलाज नहीं दें सकते तो मौत की इजाजत इस खत के माध्यम से बुंदेली समाज ने की है। दरअसल बुंदेलखंड अलग राज्य और मेडिकल कालेज की मांग को लेकर महोबा के आल्हाचौक में पिछले 530 दिनों से अनशन पर बैठे बुंदेली समाज के सदस्यों ने इच्छामृत्यु की मांग की है।

बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकार ने कहा कि महोबा की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल है। यहां के जिला अस्पताल से अधिकतर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। यहीं नहीं जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है। महोबा को जिला बने 25 वर्ष बीत चुके है लेकिन जिला अस्पताल इतनी लंबी अवधि में 200 बेड का भी नही बन पाया है। आज मेडिकल की राह में यही सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ है। इन्ही बदहाल स्वास्थ्य सेवाओ को बेहतर करने के लिए आज बुंदेली समाज के सदस्यों ने पीएम मोदी को खून से खत लिखकर इच्छा मृत्यु की मांग की है।

अनशनकारियों का कहना है कि बिना स्वास्थय सेवाओं के यहां का आदमी तिलतिल कर मरने के मजबूर है इससे अच्छा है कि पीएम मोदी हम सभी को इच्छा मृत्यु की इजाजत दें दें ताकि उन्हें एक बार में ही मौत मिल सके। बुंदेली समाज इस बात से भी नाराज है कि उनकी मांगों को बीजेपी सरकार नजरअंदाज कर रही है जबकि वह लम्बे समय से मेडिकल कॉलेज और अलग राज्य बुंदलखंड की मांग करते आ रहे है। खून से खत लिखकर बुंदेली समाज ने अपना दर्द पीएम से बयां किया है।

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