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मुस्लिम युवक ने 7 वर्षीय हिन्दू बच्ची के लिए रक्तदान कर दिया सद्भावना का सन्देश

Akansha Singh

Publish: Nov 09, 2019 09:20 AM | Updated: Nov 09, 2019 09:20 AM

Mahoba

अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले देश का हर एक व्यक्ति आपसी भाईचारा और इंसानियत की मिसाल पेश करना चाहता है ।

महोबा. अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले देश का हर एक व्यक्ति आपसी भाईचारा और इंसानियत की मिसाल पेश करना चाहता है । ऐसे में भला बुंदेलखंड के लोग कैसे पीछे रह सकते है । जी हां महोबा जिला अस्पताल में एक मुस्लिम युवा की सोच को देख आप हैरत में पड़ जायेंगे । यह मुस्लिम युवा जिला अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही हिन्दू धर्म की 7 साल की मासूम को रक्तदान देकर नया जीवनदान देने पहुंच गया ।

मामला महोबा जिला अस्पताल का है । जहाँ एक 7 साल की मासूम बच्ची सपना बुखार से पीड़ित थी कई दिनों के इलाज के बाद खून की कमी के चलते जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे रेफर करने तक का मन बना लिया था । चिकित्सको ने बी पॉजिटिव ब्लड की आवश्यकता को लेकर परिजनों से मांग की थी,फिर क्या था ऐसे असहाय और परेशान मरीजों ओर तीमारदारों की मदद के लिए विंग नामक संस्था ने वाट्सअप के तमाम ग्रुपों में मैसेज शेयर कर नोजवानो से रक्तदान करने की अपील की थी । ऐसे में मुख्यालय का एक मुस्लिम नोजवान आमिर रफ़ी सबसे पहले आगे आया है । जिसने कहा कि आज देश मे शांति और सदभाव की अपील की जा रही है । ऐसे में उसका भी देश के प्रति फर्ज है और आपसी भाईचारे के लिए वो भी तैयार है । देश हित मे भाई चारा बना साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की है । सबसे पहले 7 साल की मासूम सपना को नया जीवनदान दिया है । आज आप इस युवा की सोच के कायल हो जाएंगे जरा आप भी सुनिए इस युवा के शांति संदेश को । कहता है कि अयोध्या फैसले को लेकर तमाम भ्रांतियां फैलाई जा रही है । जबकि हम देश के नागरिक है और हमे मिलकर साथ रहना है । आज हमें एक दूसरे के खून का प्यासा नही बल्कि एक दूसरे को खून देकर जिंदगी देनी है | वहीँ मासूम बच्ची का पिता राम किशोर भी मुस्लिम युवक के इस त्याग और सद्भावना का कायल हो गया है ।

 

 

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