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बीफ बिरयानी मामले में नया मोड़, शिकायतकर्ता ने मुकदमा वापस लेने की अर्जी दी

Akansha Singh

Publish: Sep 09, 2019 13:04 PM | Updated: Sep 09, 2019 13:04 PM

Mahoba

-मजार से जुड़े लोगों ने अपने गुनाह की सार्वजनिक माफी मांगी
-जांच में खुलासा, मजार पुरानी लेकिन बाउंड्री वॉल का हाल ही में हुआ निर्माण

महोबा. चरखारी कोतवाली क्षेत्र के सालट गांव में पीर बाबा के उर्स के दौरान हिंदुओं को बीफ बिरयानी खिलाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। 43 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाले ग्रामीणों ने एफिडेविड देकर मुकदमा वापस लेने की बात कही है। इस बीच, बीजेपी विधायक और ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर वन विभाग के आलाधिकारियों की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। ग्रामीण और अधिकारी मजार को सदियों पुरानी बता रहे हैं। हालांकि बाउण्ड्री वॉल को नया निर्माण बताया जा रहा है। वन विभाग इसकी भी जांच कर रहा है।

कोतवाली चरखारी के सालट गांव में बीते 31 अगस्त को पीर बाबा के उर्स का आयोजन हुआ था। आरोप है कि पीर बाबा के उर्स में प्रसाद के रूप में बीफ बिरयानी खिलाकर हिन्दुओं का धर्म भ्रष्ट करने की नापाक कोशिश की गई। इसके बाद विधायक ब्रजभूषण राजपूत ने आरोप लगाया था कि पीर बाबा की दरगाह की जांच कर सत्यता सामने लायी जाए।


डीएफओ की टीम ने की जांच
इस शिकायत के बाद मामले की जांच के लिए डीएफओ रामजी राय दल मौके पर पहुंचे। उन्होंने जांच में पीर बाबा की दरगाह को पुरानी बताया। और दरगाह के पास बाउन्ड्री बाल का निर्माण और गुम्बद के निर्माण को दो से तीन वर्ष के भीतर बना हुआ बताया है। डीएफओ ने कहा कि मजार कई वर्ष पुराना है। यहां किसी व्यक्ति विशेष का कब्ज़ा नहीं है। लेकिन मजार की दीवार हाल ही में बनी है इसकी जांच की जा रही है।


कल्लू काजी ने मांगी माफी, इसलिए मुकदमा वापस हो
इस बीच सालट गांव में पंचायत के दौरान शिकायतकर्ता राजकुमार रैकवार ने कहा है कि हम गांव और देश में अमन और चैन चाहते हैं। हम सभी के सामने कल्लू काजी और पप्पू मन्सूरी ने सार्वजनिक रूप से अपने गुनाह की माफी मांग ली है। बताया गया कि मजार में पूड़ी सब्जी के आलावा चिकन बिरयानी भी बनी थी। माफी मांगने के बाद अब किसी के खिलाफ कोई भी कार्यवाही नहीं चाहते। शासन और प्रशासन से उम्मीद करते हैं कि मेरे द्वारा लिखवाया गया मुकदमा वापस कर दिया जाए। जिससे समुदायों के बीच भाईचारे की मिसाल बनी रहे। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मजार में आस्था है।