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हाथियों के आतंक को रोकने ग्रामीणों ने बनाई मूर्ति, विधि विधान से पूजा कर लोगों ने कहा- मूर्ति देखकर अब नहीं करेंगे...

Bhawna Chaudhary

Publish: Sep 18, 2019 21:00 PM | Updated: Sep 18, 2019 14:25 PM

Mahasamund

उत्पाती हाथियों की आमद को रोकने के लिए कुकराडीह के लोगों ने हाथी की एक मूर्ति बनाई है। मंगलवार को विधि-विधान से इस मूर्ति की पूजा-अर्चना भी गई।

महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के कुकराडीह बंजर से आबादी क्षेत्र की ओर उत्पाती हाथियों की आमद को रोकने के लिए कुकराडीह के लोगों ने हाथी की एक मूर्ति बनाई है। मंगलवार को विधि-विधान से इस मूर्ति की पूजा-अर्चना भी गई। ग्रामीणों का मानना है कि मूर्ति देखकर हाथी गांव की तरफ न आकर जंगल की तरफ बढ़ जाएंगे।

हाथी प्रभावित गांव के किसानों के मुताबिक कुकराडीह बंजर हाथियों का सुरक्षित ठिकाना बन गया है। यहीं से हाथी गांव की तरफ रुख करते हैं और फसल बर्बाद कर फिर यहीं लौट आते हैं। कुकराडीह बंजर में हाथियों की मौजूदगी से एक दर्जन से अधिक गांव के लोग दहशत में रहते हैं। इसको देखते हुए कुकराडीह के लोगों ने बैठक आयोजित कर यह निर्णय लिया कि क्यों न हाथी की एक मूर्ति बनाई जाए। फिर मिलजुल कर कुकराडीह बंजर में जिस जगह से हाथी गांव की तरफ रुख करते हैं, उसी स्थान पर सीमेंट की पांच फीट की हाथी की एक मूर्ति बनाई है। पांच फीट का चबूतरा भी बनाया है। मंगलवार को कुकराडीह के लोग बंजर में एकत्रित हुए।

विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। ग्रामीणों को लग रहा है कि हाथी मूर्ति को देखकर नहीं आएंगे और किसानों की फसल को भी नुकसान नहीं होगा। ज्ञात हो कि पिछले तीन वर्ष से सिरपुर इलाके के 50 से अधिक गांव के लोग हाथियों के उत्पात से परेशान हैं। हो सकता है कुकराडीह के लोगों की हाथियों को रोकने की यह कोशिश कामयाब हो जाए और हाथी आबादी क्षेत्र में न आएं।

मिर्ची व तंबाकू के धुएं से भी खदेड़ने की कोशिश
वहीं मिर्ची व तंबाकू के धुएं से भी हाथियों को खदेडऩे की तैयारी चल रही है। किसान पैरा में मिर्ची व तंबाकू डालकर मशाल बनाएंगे। पेड़ में हाथियों के पहुंच के ऊपर इसे लटकाएंगे। जलते हुए मशाल के धुएं से हाथी आसपास नहीं आएंगे। हाथी भगाओ फसल बचाओ समिति के संयोजक राधेलाल सिन्हा का कहना है कि कुकराडीह में हाथी की एक मूर्ति बनाई है। उसकी विधि-विधान से पूजा-अर्चना भी की गई।