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प्लास्टिक के इस्तेमाल को लेकर आई ये बड़ी खबर, जानें वरना आ जाएगी ये मुसीबत

Chandu Nirmalkar

Publish: Sep 16, 2019 18:42 PM | Updated: Sep 16, 2019 18:42 PM

Mahasamund

Plastic ban in india: दोबारा उसी दुकानदार द्वारा प्लास्टिक कैरीबैग उपयोग करने की जानकारी मिलती है, तो नगर पालिका तीन गुना जुर्माना वसूली (Plastic ban in chhattisgarh) करेगी

महासमुंद. प्रतिबंध के बाद भी प्लास्टिक कैरीबैग का उपयोग करते पाए जाने पर अब नगर पालिका सख्ती बरतने की तैयारी में (Plastic ban in india) है। उपयोग करने वालों से जुर्माना वसूला जाएगा। यदि दोबारा उसी दुकानदार द्वारा प्लास्टिक कैरीबैग उपयोग करने की जानकारी मिलती है, तो नगर पालिका तीन गुना जुर्माना (Plastic ban in chhattisgarh) वसूली करेगी।

दो बार से जुर्माना भरने के बाद भी कोई व्यक्ति प्लास्टिक का उपयोग करता है, तो उसके खिलाफ सक्षम न्यायालय मेंं चालान पेश किया जाएगा। ज्ञात हो कि शहर की सफाई व्यवस्था को देखते हुए नगर पालिका ने प्लास्टिक थैलियों के साथ प्लास्टिक कप, प्लेट, ग्लास, कटोरी आदि पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके बाद भी कुछ व्यापारी इसकी बिक्री कर रहे हैं। इधर, नगर पालिका घर-घर जाकर पोस्टर अभियान चला रही है। दुकानों के बाहर स्टीकर चस्पा किए जा रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति जुर्माना नहीं देता है, तो उसके खिलाफ प्रदूषण अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी। गौरतलब है कि नगर पालिका ने पिछले दिनों प्लास्टिक फ्री नामक रैली निकालकर जागरुकता अभियान भी चलाया था। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण के लिए प्लास्टिक का उपयोग बंद करने के लिए लोगों से आह्वान भी किया था। इसके साथ प्रतिष्ठानों में जाकर अपील भी की जा चुकी है। इतना ही नहीं, राज्य सरकार ने भी अब प्लास्टिक छोड़बे संगवारी अभियान शुरू किया है।

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शासन ने जारी किया निर्देश
शासन ने सभी निकायों में प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगने के बाद इसका पालन किए जाने के निर्दश भी दिया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने भी सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान छेड़ा है और कई गांवों को भी पत्र लिखा है।

एक तरफ नगर पालिका आम जनता व व्यापारियों से जुर्माना वसूल करने जा रही है। वहीं सिंगल यूज वाटर बोटल और जंक फूट जैसे चिप्स, फल्ली, मिक्सचर, भुजिया सेव, कुरकुरे नमकीन, पानी पाउच जैसे प्रोडक्ट मार्केट में पॉलीथिन से भी ज्यादा बिकते हैं। इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इसके अलावा पॉलीथिन निर्माण एजेंसियों पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती है।

प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए विभिन्न स्थानों पर होर्डिंग्स, पोस्टर व जागरुकता अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। तीन गुना जुर्माना भी वसूला जा सकता है। इसके अलावा प्रदूषण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
अमन चंद्राकर, नोडल अधिकारी