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गणेश चतुर्थी पर बन रहा खास संयोग, जानिए गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Bhawna Chaudhary

Publish: Sep 01, 2019 16:19 PM | Updated: Sep 01, 2019 16:19 PM

Mahasamund

आइए जानते थे गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में :

हर साल की तरहद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। इस दिन श्रद्धालु भक्त अपने घरों में मिट्टी से बने गणेश जी की अस्थाई स्थापना करें। लगातार 10 दिन तक लंबोदर गौरी नंदन गणेश जी पूजा आराधना से पूरी वातावरण भक्तिमय रहेगा।इस साल गणेश चतुर्थी पर वही शुभ संयोग बन रहा है जो भगवान श्रीगणेश जी के जन्म के समय बना था। भाद्रपद माह के शुक्लपक्ष की चतुर्थी तिथि यानी की सोमवार 2 सितम्बर को है, इस बार 11 दिनों तक गणेश महापर्व का उत्सव मनाया जाएगा।आइए जानते थे गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में :

गणेश चतुर्थी के दिन गणपति की पूजा दोपहर के समय करना शुभ माना जाता है, क्योंकि मान्यता है कि भाद्रपद महीने के शुक्लपक्ष की चतुर्थी को मध्याह्न के समय गणेश जी का जन्म हुआ था। गणेश चतुर्थी पर मध्याह्न काल में अभिजित मुहूर्त के संयोग पर गणेश भगवान की मूर्ति की स्थापना करना शुभ रहेगा। पंचांग के अनुसार अभिजित मुहूर्त सुबह लगभग 11.55 से दोपहर 12.40 तक रहेगा। इसके अलावा पूरे दिन शुभ संयोग होने से सुविधा अनुसार किसी भी शुभ लग्न या चौघड़िया मुहूर्त में गणेश जी की स्थापना कर सकते हैं।

गणेश चतुर्थी पर बन रहा खास संयोग, जानिए गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

गणेश जी की स्थापना ऐसे करें:
- गणपति की स्‍थापना करने से पहले स्‍नानआदि कर साफ-सुथरे कपड़े पहनें।
- इसके बाद अपने माथे पर तिलक लगाएं और पूर्व दिशा की ओर मुख कर आसन पर बैठ जाएं।
- इसके बाद गणेश जी की प्रतिमा को किसी लकड़ी के पटरे या गेहूं, मूंग, ज्‍वार के ऊपर लाल वस्‍त्र बिछाकर स्‍थापित करें।
- गणपति की प्रतिमा के दाएं-बाएं रिद्धि-सिद्धि के प्रतीक स्‍वरूप एक-एक सुपारी रखें।
- इसके बाद गणेश जी के सामने बैठ कर दाएं (सीधे) हाथ में अक्षत और गंगाजल लेकर
- संकल्प करने के लिए कहें कि हम गणपति को इतने दिनों तक अपने घर में स्थापित करके प्रतिदिन विधि-विधान से पूजा करेंगे। संकल्प में उतने दिनों का जिक्र करें, जितने दिन आप गणपति को अपने घर में विराजना चाहते हों। जैसे, तीन, पांच,सात, नौ या 11 दिन।

गणेश चतुर्थी पर बन रहा खास संयोग, जानिए गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

गणेश चतुर्थी पूजा विधि-
- गणेश स्थापना के बाद सबसे पहले घी का दीपक जलाएं। इसके बाद पूजा का संकल्‍प लें। फिर गणेश जी का ध्‍यान करने के बाद उनका आह्वन करें। इसके बाद गणेश को स्‍नान कराएं. सबसे पहले जल से, फिर पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और चीनी का मिश्रण) और पुन: शुद्ध जल से स्‍नान कराएं। इसके बाद गणेश जी को वस्‍त्र चढ़ाएं। वस्त्र चढ़ाने के बाद गणेश जी की प्रतिमा पर सिंदूर, चंदन, फूल और फूलों की माला अर्पित करें और धूम-अगरबत्ती लगाएं।

इतना होने के बाद गणेश जी को नैवेद्य चढ़ाएं। नैवेद्य में मोदक, मिठाई, गुड़ और फल चढ़ाएं। इसके बाद गणपति को नारियल और दक्षिण प्रदान करें। अंत में गणपति की आरती करें। गणेश जी की आरती कपूर के साथ घी में डूबी हुई एक या तीन या इससे अधिक बत्तियां बनाकर की जाती है।