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अब सरकार की नई योजना के तहत सभी सरकारी भवनों में लगेंगे फ्री सोलर पैनल

Akanksha Agrawal

Publish: Jul 15, 2019 14:43 PM | Updated: Jul 15, 2019 14:43 PM

Mahasamund

- सरकार ने बिजली की समस्या से राहत दिलाने शुरू की मोर छत, मोर बिजली योजना
- इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के सरकारी भवनों के ऊपर लगाया जाएगा फ्री सोलर पेनल (Free solar panel)

महासमुंद. बिजली की समस्या से राहत दिलाने के लिए अब क्रेडा विभाग मोर छत, मोर बिजली योजना के तहत शासकीय भवनों के ऊपर नि:शुल्क सोलर पेनल लगाएगा। इस योजना का लाभ दिलाने के लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।

रेस्को मॉडल के तहत सोलर पेनल स्थापित किए जाएंगे। एक किलोवॉट व एक मेगावाट क्षमता के ग्रिड कनेक्टेट सौर संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इसके तहत हितग्राही उत्पादित बिजली का उपयोग स्वयं भी करेगा और बेच भी सकेगा। दरअसल, सोलर के क्षेत्र में आम उपभोक्ता ज्यादा रुचि नहीं दिखाते हैं, इसलिए यह नई योजना बनाई गई है। क्रेडा अफसरों के मुताबिक नई योजना के तहत पहले चरण में शासकीय भवनों का चयन किया जाएगा। यह रेस्को मॉडल के तहत होगा। हितग्राही, संस्था व विभाग को पहले कोई खर्च नहीं करना पड़ेगा। सौर संयत्र स्थापित किए जाने के बाद संस्था के साथ विद्युत बेचने संबंधी अनुबंध होगा।

विद्युत कंपनी विद्युत उत्पादन की राशि संस्था से वसूलकर स्थापना में हुए खर्च का भुगतान करेगी। जानकारी के मुताबिक इस योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले एक पोर्टल में आवेदन करना पड़ेगा। सात दिनों के बाद तकनीकी मंजूरी दी जाएगी। फिर स्थल का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद ही सोलर पेनल की स्थापना की जा सकेगी। के्रडा की इस योजना से बिजली की बचत भी होगी। इधर, शासकीय भवनों में इस योजना की सफलता के बाद ही व्यावसायिक संस्था व हितग्राहियों को लाभ दिया जाएगा। यही नहीं, योजना की सफलता से पावर प्लांटों पर निर्भरता कम होगी। वर्तमान में जिले में किसी शासकीय भवनों का चयन नहीं किया गया है। इसकी तैयारी अभी चल रही है।

सोलर लैंप देने की योजना भी ठंडे बस्ते में
चौथी से 12 वीं तक के विद्यार्थियों को भी सोलर लैंप नि:शुल्क देने की योजना बनाई गई थी, लेकिन यह भी ठंडे बस्ते में चली है। सोलर लैंप देने का मकसद ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली चले जाने पर विद्यार्थी सोलर लैंप के माध्यम से अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं में इसे शामिल किया गया है। इस योजना का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या दूर करना है। ज्ञातव्य है कि अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में आए दिन बिजली बंद की समस्या उत्पन्न हो जाती है। विद्यार्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शासन योजनाएं तो बहुत बनाती है, लेकिन कागजों में सिमट जाती है।

एक ही हितग्राही ने लिया था लाभ
पूर्व की राज्य सरकार के कार्यकाल में घर के ऊपर सोलर पेनल लगाकर बिजली उत्पादन करने का प्रयास किया गया था, लेकिन जिले में केवल एक ही हितग्राही ने इस योजना का लाभ लिया। यहां तक आवेदन भी एक ही आया था। सोलर पेनल लगाने में आम लोग रुचि नहीं ले रहे हैं। अब वर्तमान सरकार ने भी उसी से मिलती-जुलती योजना शुरू की है। पूर्व की योजना के तहत 10 किलो वॉट के पेनल से 50 यूनिट बिजली का उत्पादन करना था। प्रचार के अभाव में लोग इस योजना का लाभ नहीं ले पाए। अब देखना यह है कि वर्तमान सरकार मोर छत, मोर बिजली योजना को किस तरह जमीनी स्तर पर लेकर आती है।

क्रेडा अधिकारी महासमुंद एनके गायकवाड़ ने बताया कि मोर छत, मोर बिजली के तहत शासकीय भवनों में सोलर पैनल लगाने की तैयारी चल रही है। अभी यह प्रक्रिया में है। यह रेस्को मॉडल पर आधारित होगा।

 

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