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नई तकनीक से किसान ने किया मशरूम उत्पादन, राष्ट्रीय स्तर पर किया गया सम्मानित

Bhawna Chaudhary

Publish: Sep 14, 2019 21:40 PM | Updated: Sep 14, 2019 17:10 PM

Mahasamund

नई तकनीक से मशरूम उत्पादन के लिए किसान का किया गया सम्मान

महासमुंद. खेतों में पेड़ के नीचे नई तकनीक से पैरा मशरूम के उत्पादन के लिए बसना विकासखंड के ग्राम पटियापाली के किसान राजेंद्र कुमार साहू को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। मशरूम अनुसंधान निदेशालय सोलन (हिमाचल प्रदेश) ने किसान को प्रगतिशील मशरूम उत्पादक सम्मान दिया है।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की मशरूम अनुसंधान प्रयोगशाला के वैज्ञानिक के मार्गदर्शन में 12 वर्षों से राजेंद्र साहू मशरूम का उत्पादन कर रहे हैं। प्रतिदिन 5 से 10 किलो मशरूम का उत्पादन होता है। 200 से 300 रुपए प्रति किलो में इसकी बिक्री हो रही है। कृषि विज्ञान केंद्र के एसके वर्मा और एसएल अली ने बताया कि इस तकनीक में राजेंद्र साहू आम के पेड़ों के छांव के नीचे लोहे की पाइप पर धान के गट्टों में पैरा मशरूम डाल कर उत्पादन करते हैं।

राजेंद्र कुमार मशरूम उत्पादन ही नहीं, स्पॉन का भी उत्पादन करते हैं। मशरूम उत्पादन के बाद अपशिष्ट पदार्थ से केंचुआ खाद का निर्माण भी करते हैं और खाद का निर्माण कर उसे विक्रय भी करते हैं। इस तकनीक का आस-पास के किसानों को लाभ मिल रहा है। वर्तमान में मशरूम की मांग बढ़ गई है। उत्पादन अच्छा होने पर वर्षभर मशरूम की खरीदी होती है। होटल संचालक और लॉज आदि में ज्यादा मांग रहती है। इस कारण इसकी खपत बढ़ रही है।

कृषि विज्ञान केंद्र में है प्रशिक्षण केंद्र
मशरूम उत्पादन के लिए कृषि विज्ञान केंद्र महासमुंद में प्रशिक्षण दिया जाता है। यहां 15 लाख रुपए की लागत से प्रशिक्षण केंद्र और लैब और स्टोर रूम बनाया गया है, जिसमें आधुनिक मशीनें लगाई गई हंै, जिसके माध्यम से मशरूम का उत्पादन किया जाता है। यहां समय -समय पर क्षेत्र के किसानों को प्रशिक्षण दिया जाता है।

मशरूम व बीज उत्पादन का मिला प्रशिक्षण
्रनिदेशालय के वैज्ञानिकों ने पिछले वर्ष इंदिरा गांधी कृषि विवि के मशरूम वैज्ञानिकों के साथ साहू के प्रक्षेत्र का भ्रमण किया था और उनके द्वारा विकसित खुले में पैरा मशरूम के उत्पादन तकनीक की सराहना भी की थी। राजेंद्र साहू को मशरूम, बीज उत्पादन के लिए प्रशिक्षण और उपकरण भी प्रदान किया गया था। कृषि विज्ञान केंद्र के तकनीकी सहायक एसएम अली हुमायुं भी राजेंद्र साहू को मार्गदर्शन कर रहे हैं।