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दर्दनाक हादसे में 3 की मौत,पूरे परिवार को खोने वाली बच्ची ने बताया 'खाना खा रहे थे तभी'...

Prateek Saini

Publish: Aug 18, 2019 18:29 PM | Updated: Aug 18, 2019 18:33 PM

Ludhiana

Heavy Rain In Punjab: हादसे में केवल एक बच्ची बची जिसने अपनी आंखों के सामने पूरा परिवार उजड़ते देखा, उसने बताया कि...

(लुधियाना): बारिश जो सुकून से बरसे तो लोगों के चेहरों पर मुस्कान ले आए, और कहर बनकर बरसे तो इंसान का पूरा जीवन उजाड़ सकती है। बारिश की वजह से ऐसा ही दर्दनाक हादसा खन्ना के हौल गांव में हुआ, जहां मकान की छत गिरने से तीन लोग मलबे के नीचे दब गए। इस दुर्घटना में एक परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। बची तो 11 साल की एक बच्ची जिसने हादसे की 'आंखों देखी' बयां की जिसे सुनकर दिल बैठ जाएगा। बच्ची के अनुसार...


मां-बाप व बेटे की मौत

हौल गांव में सुरजीत सिंह (36) के मकान की छत भरभराकर गिर गई। मलबे के नीचे दबने से सुरजीत सिंह (36) उसकी पत्नी बलजिंदर कौर (35) और बेटे गुरप्रीत सिंह (8) की मौत हो गई। सुरजीत सिंह की बेटी सिमरजीत कौर ने बताया कि...


कुदरत ने नहीं दी बचने की मोहलत

Heavy Rain In Punjab
फोटो में दिख रहे 36 वर्षीय सुरजीत सिंह, उनकी पत्नी व बेटे की मौत हो गई। 11 वर्षीय सिमरजीत कौर की मां ने अपनी जान देकर बच्ची की जान बचा ली। IMAGE CREDIT:

'' मैं अपनी मां की गोद में बैठकर खाना खा रही थी। तभी पापा को लगा कि छत गिरने वाली है। हम सभी लोग दरवाजे की ओर भागे। लेकिन दरवाजा अन्दर से बंद था। मां ने मुझे गोद में उठाया हुआ था, कुदरत ने हमें दरवाजा खोलने तक का समय नहीं दिया। मां की गोदी में होने कारण मैं बच गई, क्योंकि सारा मलबा मां के ऊपर ही गिर गया। इतना कहते वह रोनें लग गई। '' सिमरजीत कौर ने होश में आने के बाद यह जानकारी दी।


लोग मदद को दौड़े

छत गिरने के बाद आसपास के लोग घरों से बाहर निकले और तुरंत सुरजीत सिंह के घर की ओर दौड़े। लोगों ने मलबे से तीनों को निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। थोड़ी देर बाद पुलिस भी पहुंची। प्रभावितों को बाहर निकालकर खन्ना के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डाक्टरों ने मां-बाप व बेटे को मृत घोषित कर दिया। वहीं उनकी बेटी सिमरनजीत कौर के सिर्फ टांग पर ही चोट आई है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया है।


मकान था जर्जर, बारिश की वजह से...

बताया जा रहा है कि जिस मकान की छत गिरी है, उसकी छत काफी जर्जर थी। घर काफी पुराना था और भारी बरसात की मार नहीं झेल सका। गांव निवासी अकाली नेता गुरपिंदर सिंह ने बताया कि जैसे गांव वालों को पता चला कि सुरजीत सिंह के घर की छत गिर गई है तो सभी तुरंत वहां पहुंचे। हालांकि अधिक बारिश के चलते परिवार को मलबे से निकालने में समय लग गया।

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