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लुधियाना में अकाली दल कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी की प्रतिमा पर कालिख पोती, सीएम बोले-माफी मांगें सुखवीर बादल

Prateek Saini

Publish: Dec 25, 2018 18:03 PM | Updated: Dec 25, 2018 18:03 PM

Ludhiana

बाद में कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने प्रतिमा को पानी व दूध से धुलवाया...

(लुधियाना): पंजाब के लुधियाना में मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की प्रतिमा पर युवा अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने कालिख पोत दी। कालिख पोतने वालों ने विधानसभा के विशेष सत्र में राजीव गांधी को दिया गया भारत रत्न सम्मान वापस लेने के लिए प्रस्ताव पारित कराने की मांग भी की। मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने इस घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए है।


नारेबाजी और तोड़फोड़ भी की

मिली जानकारी के अनुसार युवा अकाली दल के नेता गुरदीप गोशा और मीतपाल डूगरी कुछ युवा कार्यकर्ताओं के साथ लुधियाना के सलेम ताबरी स्थित राजीव गांधी की प्रतिमा के पास पहुंचे। युवा कार्यकर्ताओं में से दो लोगों ने तोड-फोड करते हुए प्रतिमा पर कालिख पोत दी। दोनों ने वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर नारेबाजी भी की। बाद में कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने प्रतिमा को पानी व दूध से धुलवाया। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस कार्रवाई करेगी। घटना के सिलसिले में सलेम ताबरी थाने में एफआईआर भी दर्ज की गई है।

 

सीएम अमरिंदर सिंह ने बादल को लिया आडे हाथ

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने घटना की कडी निंदा करते हुए ट्वीट में कहा कि इस घटना के दोषियों को अपने अपराध के लिए पंजाब की जनता से माफी मांगना चाहिए। अमरिंदर सिंह ने अकाली दल अध्यक्ष सुखवीर बादल को कहा कि वे संकुचित राजनीति से बाज आएं। इस तरह की राजनीति का आने वाले लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी पर बुरा असर पडेगा। सुखवीर अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की इस घृणित कार्रवाई के लिए तुरन्त माफी मांगें। आगामी चुनावों में वोट हासिल करने के लिए इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। इस तरह के निंदनीय कामों से आप और आपका परिवार गुरूग्रंथ साहिब के अपमान व सिख समुदाय के प्रति अपराध के पाप से मुक्त नहीं हो सकेगा। उन्होंने कहा कि सिख विरोधी हिंसा में कभी गांधी परिवार को नामजद नहीं किया गया लेकिन अकाली दल अपने राजनीतिक एजेंडे के चलते इस परिवार का जबरन घसीट रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ कांग्रेस,भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ता इस हिंसा में लिप्त थे और अदालत इनको सजा देने के लिए सुनवाई कर रहा है।