स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

योगी मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं यह नये चेहरे, कई मंत्रियों से छिन सकता है उनका विभाग

Hariom Dwivedi

Publish: Aug 19, 2019 15:47 PM | Updated: Aug 19, 2019 15:48 PM

Lucknow

- इसी हफ्ते में हो सकता है योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल का विस्तार
- आधा दर्जन से ज्यादा मंत्रियों पर गिरेगी गाज, परफारमेंस ठीक न होने पर हटेंगे

लखनऊ. रविवार देर शाम तक राजभवन में शपथ ग्रहण की तैयारियां चल रही थीं। शपथ लेने वाले मंत्रियों और विधायकों को फोन भी जा चुका था, लेकिन अचानक सोमवार को होने वाला योगी मंत्रिमंडल विस्तार (Yogi Adityanath Cabinet Resuffle) टल गया है। माना जा रहा है कि बुधवार या उसके बाद इसी हफ्ते के आखिर तक योगी कैबिनेट में शामिल होने वाले नये मंत्री शपथ लेंगे। नये मंत्रियों के साथ कुछ पुराने मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं। इनमें कुछ का प्रमोशन होगा तो कुछ का डिमोशन। गौरतलब है कि मार्च 2017 में जब योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे, तब मंत्रियों की संख्या 47 थी। इसके बाद से कोई फेरबदल नहीं हुआ है, जबकि चार मंत्री इस्तीफा कैबिनेट से इस्तीफा दे चुके हैं, जबकि एक मंत्री को कैबिनेट से बर्खास्त (ओम प्रकाश राजभर) किया जा चुका है। इनमें सत्यदेव पचौरी, डॉ. एसपी सिंह बघेल और डॉ. रीता बहुगुणा जोशी, स्वतंत्र देव सिंह के नाम शामिल हैं।

मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं
योगी कैबिनेट में जिन नये चेहरों को शामिल किये जाने की चर्चा है, उनमें एमएलसी अशोक कटारिया और एमएलसी विद्यासागर सोनकर, इटावा के विधायक सतीश द्विवेदी, देवरिया के श्रीराम चौहान व बुंदेलखंड से झांसी के रवि शर्मा के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय लोकदल से भाजपा में आये पश्चिमी यूपी के 'रमाला' व साहिबाबाद से सुनील शर्मा को जगह मिल सकती है। फर्रुखाबाद से सुशील कुमार शाक्य व सुनील दत्त द्विवेदी का नाम भी चर्चा में है।

यह भी पढ़ें : एससी/एसटी और पिछड़ों को कोटे में कोटा देने की तैयारी, जातियों में ऐसे होगा आरक्षण में कोटे का बंटवारा

इनकी छिन सकती है कुर्सी
सोशल मीडिया पर चल रही चर्चा के मुताबिक, योगी कैबिनेट में मंत्री स्वाति सिंह, सूर्य प्रताप सिंह शाही, धर्मपाल सिंह और नंद गोपाल गुप्ता नंदी का मंत्रीपद छिन सकता है। इनकी जगह नये चेहरों को मौका दिया जा सकता है। चर्चा उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के विभाग बदलने की भी है।