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World Photography Day 2019:जीवन का जोखिम उठाकर भी अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं फोटो जर्नलिस्ट: अखिलेश यादव

Ritesh Singh

Publish: Aug 18, 2019 21:26 PM | Updated: Aug 18, 2019 21:26 PM

Lucknow

जमाना काफी बदला है तो फोटो लेने से पहले सोचना भी पड़ता है

लखनऊ ,कलास्रोत आर्ट गैलरी अलीगंज में लगी सामूहिक राष्ट्रीय फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने किया। इस अवसर पर अखिलेश यादव ने अपने सम्बोधन में कहा कि फोटो कैमरे से नहीं बल्कि दिमाग से खींची जाती है क्योंकि जरूरी नहीं कि जिसके पास मंहगा कैमरा हो वो अच्छी तस्वीर भी खींच सकता है। एक अच्छी तस्वीर क्लिक करने के लिए अच्छे विजन की जरूरत होती है।

उन्होंने कहा कि आज फोटो जर्नलिस्ट का वही सम्मान है जो लेखक-पत्रकार का होता है। फोटो कला जीवंत है। अब नई तकनीक का प्रयोग भी होने लगा है। मोबाइल और कैमरा में भी प्रतियोगिता रहती है। परन्तु मौसम की मार, असुविधा, अवरोध और कई बार तो जीवन का जोखिम उठाकर भी इस कला का सफर जारी रहता है। कभी एक तस्वीर ही उन्हें बुलंदियों पर भी पहुंचा देती है।

अखिलेश यादव ने कहा कि हर कोई यात्रा से सीखता है। हर परिस्थिति से जूझते हुए फोटो जर्नलिस्ट घटना को साकार करता है। अब जमाना काफी बदला है तो फोटो लेने से पहले सोचना भी पड़ता है। राजनीति में तो फोटोग्राफी का काफी महत्व होता है। समाज की घटनाओं का प्रदर्शन करने में फोटोजर्नलिस्ट को कठिनाइयां भी आती हैं। इस सबके बावजूद वह जिस ईमानदारी और निष्ठा से अपना कर्तव्य निभाता है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार बनी तो फिर उन्हें सम्मान और यशभारती भी मिलेगा। फोटो प्रदर्शनी में कुल 91 भारतीय छायाकारों के चित्र थे वही 4 विदेशी फोटोग्राफरों ने भी रूस और मिस्र से चित्र भेजे थे। प्रदर्शनी में वन्य जीवन, पक्षी संसार, प्राकृतिक दृश्य, स्मारक और राजनीतिक घटनाचक्र के भी सुंदर चित्र प्रदर्शित थे।