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Sankashti Ganesh Chaturthi: आज की शाम करें यह काम मेष ,सिंह , मीन, तुला राशिवालों के लिए गणेश चतुर्थी पर हैं ख़ास उपहार

Ritesh Singh

Publish: Aug 19, 2019 13:17 PM | Updated: Aug 19, 2019 13:17 PM

Lucknow

भगवान् गणेश की कृपा हमेशा परिवार पर बनी रहे।

लखनऊ , आज के दिन बहुला चतुर्थी को महिलाएं गणेश की पूजा करने के बाद व्रत करती हैं अपने परिवार और पुत्रों के उज्जवल भविष्य के लिए यह व्रत किया जाता हैं और सुबह शाम भगवान् गणेश की पूजा अर्चना होती हैं जिससे घर में किसी भी प्रकार की कोई कमी ना हो और भगवान् गणेश की कृपा हमेशा परिवार पर बनी रहे।

दिन - सोमवार
विक्रम संवत - 2076 (गुजरात. 2075)
शक संवत -1941
अयन - दक्षिणायन
ऋतु - वर्षा
मास - भाद्रपद (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार श्रावण)
:पक्ष - कृष्ण
तिथि - चतुर्थी 19 अगस्त प्रातः 03:30 तक तत्पश्चात पंचमी
नक्षत्र - उत्तर भाद्रपद शाम 07:49 तक तत्पश्चात रेवती
योग - धृति दोपहर 03:45 तक तत्पश्चात शूल
राहुकाल - सुबह 07:44 से सुबह 09:19 तक
सूर्योदय - 06:19
सूर्यास्त - 19:04
दिशाशूल - पूर्व दिशा में
व्रत पर्व विवरण - संकष्ट चतुर्थी (चन्द्रोदय रात्रि 09:40), बहुला चतुर्थी (म.प्र.)
विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
हिन्दू पंचांग

बहुला चतुर्थी

पंडित शक्ति मिश्रा ने बतायाकि भाद्रपद महिने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार श्रावण मास) को बहुला चतुर्थी व बहुला चौथ के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान श्रीगणेश के निमित्त व्रत किया जाता है। वर्ष की प्रमुख चार चतुर्थी में से एक यह भी है। इस बार यह चतुर्थी 19 अगस्त, सोमवार को है।

ऐसे करें व्रत

उन्होंने कहाकि महिलाएं इस दिन सुबह स्नान कर पवित्रता के साथ भगवान गणेशजी की आराधना आरंभ करें। भगवान गणेशजी की प्रतिमा के सामने व्रत का संकल्प लें। धूप, दीप, गंध, पुष्प, प्रसाद आदि सोलह उपचारों से श्रीगणेशजी का पूजन संपन्न करें। चंद्र उदय होने से पहले जितना हो सके कम बोलें।

शाम होने पर फिर से स्नान कर इसी पूजा विधि से भगवान श्रीगणेशजी की उपासना करें। इसके बाद चन्द्रमा के उदय होने पर शंख में दूध, दूर्वा, सुपारी, गंध, अक्षत से भगवान श्रीगणेशजी का पूजन करें और चतुर्थी तिथि को चंद्र्देव को अर्घ दें। इस प्रकार बहुला चतुर्थी व्रत के पालन से सभी मनोकामनाएं पूरी होने के साथ ही व्रती (व्रत करने वाला) के व्यावहारिक व मानसिक जीवन से जुड़े सभी संकट, विघ्न और बाधाएं समूल नष्ट हो जाते हैं। यह व्रत संतान दाता तथा धन को बढ़ाने वाला है।

राशि के अनुसार टोटके

1 मेष राशि > रोज और आज खासतौर से ईष्ट देव गणेश और हनुमानजी हैं। मंगलवार को हनुमानजी का प्रसाद चढ़ाएं और पूरा प्रसाद मंदिर में ही बांट दें।

2 वृषभ राशि > रोज और आज खासतौर से हनुमान या गणेश मंदिर में मंगलवार को शुद्ध घी का दोमुखी दिया लगाएं। आमदनी में दिक्कत हो तो केसर का टीका भी माथे पर लगाएं।

3 मिथुन राशि > रोज और आज खासतौर से गणेशजी को बुधवार के दिन मंदिर में लड्डू का भोग लगाए। गरीब व्यक्ति को काला कंबल दान दें फिर देखिये काम सुचारू चलेगा।

4 कर्क राशि > रोज और आज खासतौर से रोजाना चंदन का टीका लगाएं और बुजुर्गों का सम्मान करें।

5 कन्या राशि > रोज और आज खासतौर से गणेशजी की रोज पूजा करें। स्थायी सफलता के लिए तुलसी की माला पहनें और घर में कभी कुत्ता न पालें।

6 तुला राशि > रोज और आज खासतौर से अपने छोटे भाई-बहनों की हमेशा मदद करें और गणेशजी के मंदिर में शुद्ध घी का दीया दिन में 11 बजे के पूर्व जिस किसी दिन मन करें जलाकर आएं। लेकिन जाए जरूर।

7 वृश्चिक राशि > रोज और आज खासतौर से केले के पेड़ की पूजा करें और जल चढ़ाएं। कभी भी नशा या गलत काम न करें।

8 धनु राशि > रोज और आज खासतौर से शांति और समृद्धि के लिए घर में कचरा या गंदगी ना रहने दें। पीले वस्त्र के आसन पर गणेशजी को ईशान कोन में विराजमान कर उनके समक्ष गुरुवार को घी का शुद्ध दीपक लगाएं।

9 मकर राशि > रोज और आज खासतौर से गुरुवार को गणेश, लक्ष्मी या विष्णु मंदिर में पीले फूल चढ़ाएं। लाल सांड को मीठी रोटी खिलाएं।

10 कुंभ राशि > रोज और आज खासतौर से ध्यान रखें कि आपके यहां से कोई भूखा न जाएं और भोजन में कभी भी ऊपर से नमक न डालें। मंगल, गुरु या रविवार का व्रत रखें।

11 मीन राशि > रोज और आज खासतौर से गणेश मंदिर में प्याऊ के लिए पैसा दान करें। पीपल के पेड़ की जड़ में पानी डालें और कभी भी झूठ न बोलें।

12 सिंह राशि > रोज और आज खासतौर से लाल रंग का रूमाल अपने पास रखें जिससे भाग्योदय होगा और मंदिर में जाकर गणेशजी को किशमिश चढ़ाएं।