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सालाना ज़िंदगी के अहम् 200 घंटे आम आदमी ट्रैफिक में गुज़ार देता है

Mohmad Imran

Publish: Jul 28, 2019 18:24 PM | Updated: Jul 28, 2019 18:24 PM

Technology

200 घंटे सालाना आम आदमी औसतन ट्रैफिक में गुज़ार देता है

 

-यह सप्ताह के 5 दिनों के बराबर है यानी इतने दिन बिना उत्पादकता के व्यर्थ हो जाते हैं हमारे

ऑटोनोमस वाहनों के दौर में क्यों चाहिए सार्वजनिक परिवहन
आमुख: तकनीकी क्रांति ने स्वचालित वाहनों (ऑटोनोमस व्हीकल्स या एवी) के लिए प्रवेश द्वार खोल दिए हैं। आज बस इन वाहनों के सार्वजनिक परिवहन के रूप में उपयोग होने का इंतजार किया जा रहा है। लेकिन रोज बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए विशेषज्ञ अब भी सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दे रहे हैं।


इस बात पर आम सहमति बढ़ रही है कि निजी इलेक्ट्रिक एवी भले ही प्रदूषण कम करें लेकिन वे शहरों में यातायात व्यवस्था को भी बिगाड़ देंगे। क्योंकि एक सवारी के लिए एक वाहन हमारी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। ज्यादातर विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि शहरों में निजी एवी की बजाय सार्वजनिक परिवहन को तरजीह दी जानी चाहिए। रोबो टैक्सी ऐप से पूरा शहर ही एक ऐप स्टोर में बदल जाएगा। वहीं ऐप से वाहन बुक करने से ज्यादा सरल स्थानीय बस या मेट्रो में सफर करना है। आइए देखें कि क्यों ऑटोनोमस व्हीकल सार्वजनिक परिवहन का विकल्प नहीं बन सकते। आइये देखें की अगर ऑटोनोमस वाहनों को सार्वजनिक परिवहन के साथ मर्ज कर दें तो किस तरह की सुविधाएं मिलेंगी और क्यों ज़रूरी है पब्लिक ट्रांसपोर्ट

  1. 3 करोड़ की मूल्य वृद्धि होती है सार्वजनिक परिवहन में निवेश किया गए एक करोड़ की पूंजी निवेश पर
  2. 6.89 लाख रुपए की सालाना बचत होती है औसत अमरीकी को सार्वजनिक परिवहन से
  3. 25 फीसदी हिस्सा आय का अमरीका में लोग ऑटोनोमस टैक्सी से सफर करने में खर्च रहे हैं
  4. 1.4 फीसदी खर्च करता है यूरोप अपनी जीडीपी का सार्वजनिक परिवहन की कम से उपजे बेरोजगार लोगों पर
  5. 100 से 200 घंटे सालाना यात्री ट्रैफिक जाम में बिता देते हैं
  6. 05 दिन सप्ताह में बिना किसी उत्पादकता के व्यर्थ होते हैं इस कारण
  7. 30 फीसदी तक लोगों का समय बचाया जा सकता है अगर स्वचालित वाहनों को सार्वजनिक परिवहन के साथ मिला दें तो अंतरराष्ट्रीय परिवहन फोरम के अनुसार
  8. 10 में से 9 पब्लिक टैक्सी की जरुरत ही नहीं रहेगी इसके बाद
  9. 50 फीसदी विश्व की आबादी बड़े शहरों में रहती है। यह 2050 तक 70 फीसदी होने का अनुमान है
  10. 2025 तक दुनिया के600 शहर वैश्विक विकास में 60 फीसदी का योगदान देंगे
  11. 80 फीसदी तक पार्किंग कम कर सकता है स्वचालित वाहनों को सार्वजनिक परिवहन को जोडऩे से