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SEBI ने लगाया आईएलएंडएफएस पर 10 लाख का जुर्माना, 45 दिनों में करना होगा भुगतान

Shivani Sharma

Publish: Sep 19, 2019 13:54 PM | Updated: Sep 19, 2019 13:55 PM

Corporate

  • IL&FS पर SEBI ने 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
  • कंपनी ने बीएसई से जरूरी बातें छिपाई थीं

नई दिल्ली। सेबी ने आईएलएंडएफएस पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। पूंजी बाजार नियामक सेबी ने कंपनी को जानकारी देते हुए कहा कि आने वाले 45 दिनों में इस जुर्माने का भुगतान करना होगा। बता दें कि सेबी ने यह जुर्माना लगाने का प्रणुख कराण बताया कि कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज से जरूरी सूचनाएं छिपाई हैं।


शेयर बाजार को नहीं दी जानकारी

आईएलएंडएफएस के निदेशक मंडल ने पिछले साल जुलाई में हुई बैठक में राइट इश्यू के जरिये 4,500 करोड़ रुपये के इक्विटी इंफ्यूजन का निर्णय लिया था। कंपनी ने शेयर बाजार को इसकी जानकारी नहीं दी। सेबी ने इसी कारण जुर्माना लगाया है। सेबी ने कंपनी को 45 दिनों के भीतर इसका भुगतान करने को कहा है।


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कंपनी पर लगाया 10 लाख का जुर्माना

आपको बता दें कि बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने आईएलएंडएफएस पर बुधवार को 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सेबी ने एक अन्य आदेश में आरटी एक्सपोर्ट्स लिमिटेड के प्रवर्तकों और इसके शेयरधारक नीलकंठ रियल्टर्स पर सूचीबद्धता और खुलासा नियमों का उल्लंघन करने पर कुल 35 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।


जांच में हुआ खुलासा

कंपनी के प्रवर्तकों में भाविक भिमज्यानी, रश्मि भिमज्यानी, रेखा भिमज्यानी, रश्मि सी भिमज्यानी एचयूएफ, एन एच पोपट और आर टी एग्रो प्रा. लि. पर जुर्माना लगाया गया है। सेबी की जांच में पाया गया कि कंपनी ने रेटिंग एजेंसी को अपने फैसले के बारे में 23 जुलाई 2018 को ही अवगत करा दिया था। लेकिन बीएसई से यह जानकारी छिपाई थी।