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55 वें जन्मदिन पर जैक मा हुए अलीबाबा से रिटायर, शिक्षा क्षेत्र में करेंगे 4.5 करोड़ डॉलर दान

Saurabh Sharma

Publish: Sep 09, 2019 08:48 AM | Updated: Sep 10, 2019 15:10 PM

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  • चीन के सबसे अमीर शख्स जैक मा ने का हुआ भव्य फेयरवेल
  • करीब दो दशक पहले जैक मा ने की थी अलीबाबा की शुरूआत
  • मौजूदा समय में 41 अरब डॉलर की संपत्ति के मालिक चीनी उद्योगपति

नई दिल्ली। जैक मा अपने 55 वें बर्थ डे पर अलीबबा के चेयरमेन पद से इस्तीफा दे दिया है। अब यह पद कंपनी में मौजूदा समय में सीईओ के रूप में काम कर रहे डेनियल झांग लेंगे। जैक मा पहले इंग्लिश के टीचर थे। इसलिए उन्होंने अपने इस्तीफे और रिटायरमेंट का दिन टीचर्स डे को चुना। आज 10 सितंबर को चीन में टीचर्स डे भी मनाया जा रहा है।

जैक मा को फेयरवेल देने के लिए चीन के ग्वांगझू शहर के ओलंपिक स्टेडियम फेयवेल चल रहा है। यह स्टेडियम 80 हजार लोगों की क्षमता का है। स्टेडियम पूरा खचाखच भरा हुआ है। आज उनका 55 वां जन्मदिन है।

उन्होंने अलीबाबा ग्रुप की शुरूआत करीब दो दशक पहले अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर शुरू की थी। मौजूदा समय में जैक मा चीन के सबसे धनी व्यक्ति हैं। उससे पहले वो एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति भी रह चुके हैं।

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शिक्षा पर करेंगे खर्च
जैक अपनी अकूत संपत्ति को शिक्षा के क्षेत्र में खर्च करने का मन बना रहे हैं। उनके पास 41 अरब डॉलर की संपत्ति है। जानकारों की मानें तो बड़ी कंपनियों के बड़े लोगों के चले जाने से शेयरों में उतार चढ़ाव आता है। कई बार तो दिक्कतों का भी सामना करना पड़ता है, लेकिन अलीबाबा उन कंपनियों में से नहीं है। वहीं जैक मा का मार्गदर्शन भी कंपनी अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलता रहेगा। पेईचिंग यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और इक्विटी निवेशक जैफरी टाउसन के अनुसार जैक मा ने अलीबाबा में मजबूत संस्कृति का निर्माण किया है और वे अब भी नवाचार में जुटे हुए हैं।

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4.5 करोड़ डॉलर करेंगे दान
जैक मा अपने फाउंडेशन के जरिए परोपकार के काम करते हैं। उन्होंने 2014 में जैक मा फाउंडेशन शुरू की थी। इसके पीछे बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन के समाजसेवा के कामों को प्रेरणा बताया था। चीन के ग्रामीण इलाकों में प्रतिभाशाली शिक्षकों को खोजने और तैयार करने के लिए जैक मा फाउंडेशन ने 2017 में 4.5 करोड़ डॉलर देने का ऐलान किया था।

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डेनियल झांग लेंगे जगह
जैक मा की जगह सीईओ डेलियल झांग लेंगे है। आपको बता दें कि अलीबाबा एशिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। उसका हमेशा से ही वॉलमार्ट के साथ प्रतियोगिता रही है। अलीबाबा को प्रतियोगिता देने के लिए ही वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट के जरिए एशिया में एंट्री ली है।