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आर्थिक सुस्ती से जुझ रही सीमेंट उद्योग सरकार के स्वच्छता ही सेवा मिशन में करेगी सहयोग

Manish Ranjan

Publish: Oct 01, 2019 15:37 PM | Updated: Oct 01, 2019 15:37 PM

Corporate

  • सीमेंट उद्योग पर छाई आर्थिक सुस्ती
  • मांग में कमी बन रही वजह
  • जीएसटी पर सरकार कब लेगी निर्णय

नई दिल्ली। आर्थिक सुस्ती का असर अब सीमेंट उद्योग पर साफ दिख रहा है इस वर्ष अप्रैल से मांग में कमी की समस्यायें आ रही है जिसके कारण अभी सीमेंट कंपनियां अपनी पूरी क्षमता से परिचालन नहीं कर पा रही हैं।

मांग में कमी बनी मुसीबत

इस क्षेत्र की कंपनियों के शीर्ष संगठन सीमेंट मैनुफैक्चरर्स एसोसियेशन (सीएमए) के अध्यक्ष एवं डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेन्द्र सिंघी ने सोमवार को संगठन के एक कार्यक्रम के बाद कहा कि अभी देश की सीमेंट कंपनियां अपनी स्थापित क्षमता का 7० प्रतिशत ही उपयोग कर पा रही है। मांग में कमी के कारण 3० प्रतिशत क्षमता का उपयोग नहीं कर पा रही है क्योंकि यह पूरी तरह से मांग आधारित उद्योग है, मांग आने पर उत्पादन तत्काल शुरू हो जाता है।

जीएसटी पर निर्णय कब

संगठन ने सीमेंट पर पर जीएसटी को 28 फीसदी से कम कर 18 फीसदी करने की मांग नहीं की है लेकिन यह सरकार पर है कि वह इस संबंध में कब निर्णय लेती है। उनका संगठन सरकार के साथ है। उन्होंने कहा कि अभी देश में सीमेंट पूरी दुनिया से लगभग सस्ती है क्योंकि छह रुपये प्रति किलो यह बिक रहा है। इसमें 28 फीसदी जीएसटी भी जुड़ा हुआ है।

प्लास्टिक बैन पर सरकार के साथ उद्योग

उन्होंने कहा कि सीमेंट उद्योग सरकार के प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाने पर पूरी तरह से साथ है। सीमेंट उद्योग में पैकेजिंग के लिए जो प्लास्टिक उपयोग होता है वह सिंगल उपयोग वाला नहीं है लेकिन यह उद्योग प्लास्टिक के कचरे को निपटान के लिए पूरी तरह से तैयार है। इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जायेगा। श्री सिंघी ने कहा कि सीमेंट उद्योग सरकार के स्वच्छता ही सेवा अभियान में पूरी तरह जुड़ा हुआ है और प्लास्टिक कचरे के पूरी तरह से निपटान के लक्ष्य को हासिल करने में पूरा सहयोग करेगा। भारतीय सीमेंट उद्योग 7.5 करोड़ टन कचरे को कच्चे माल और ईंधन के तौर पर उपयोग करने में पूरी तरह से सक्षम है।

‘स्वच्छता ही सेवा’ में करेगा सहयोग

इसके अलावा सीएमए ने सरकार की ओर से चलाई गई अभियान स्वच्छता ही सेवा में सहयोग करने की बात कही है। सीएमए ने एक आयोजन में यह बात कही। इस मौके पर परमेश्वरन अईयर ने कहा, ‘‘सीएमए स्वच्छता ही सेवा की जागरुकता बढ़ाने और प्लास्टिक एवं इसे एजेंडा में सबसे ऊपर रखने में रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कचरे व प्लास्टिक के समुचित निपटान के हमारे उद्देश्य की पूर्ति में सीमेंट उद्योग एक महत्वपूर्ण पार्टनर है। मैं सीएमए एवं इसकी सदस्य कंपनियों के सहयोग का आभारी हूँ।’